सात दिवसीय राष्ट्रीय स्तर पर युवा रैडक्रास प्रश्क्षिण शिविर का आयोजन

पंचकूला, 19 अक्तूबर- भारतीय रैडक्रास सोसायटी, हरियाणा राज्य शखा, चण्ढीगढ द्वारा 18 से 24 अक्तूबर 2016 तक लक्ष्मी भवन धर्मशला श्री माता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड, पचंकूला के प्रांगण मे सात दिवसीय राष्ट्रीय स्तर पर युवा रैडक्रास प्रश्क्षिण शिविर का आयोजन किया जा रहा है । भारत वर्ष के विभिन्न 10 प्रांतो से 106 युवा व 13 काउंसलर्स हरियाणा रैडक्रास द्वारा आयोजित किये जा रहे इस अन्र्तराज्जीय यूथ रैडक्रास प्रशिक्षण श्वििर में भाग ले रहे है । जिसका विधिवत उद्वघाटन आज कार्यक्रम के मुय अतिथि भारतीय रैडक्रास समिति, हरियाणा राज्य षाखा, चण्डीगढ के उपाघ्यक्ष डा0 जे0 एल0 चैधरी द्वारा रैडक्रास के संस्थापक सर जीन हेनरी डयूना को पुश्पअजंली अर्पित करके तथा दीप प्रजलित करके किया गया ।
इस अवसर पर उन्होने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि समय के साथ रैडक्रास का कार्य क्षेत्र भी विस्तृत हो गया है । प्राचीनकाल मे रैडक्रास को केवल आपदा के समय के सहायता करने वाली सस्थां व रक्तदान के क्षेत्र मे कार्य करने हेतू ही जाना जाता था । आज रैडक्रास जुनियर रैडक्रास व युवा रैडक्रास प्रशिक्षण षिविरो का आयोजन रक्तदान षिविर, समाजिक बुराईयो के प्रति जागरूकता, स्वस्थ्य सबधिन्त विषयो के प्रति जागरूकता, बुजर्गो के प्रति सम्मान, मादक पदार्थो से होने वाली हानियों व अन्य विषयो के बारे मे प्रेरित करने का कार्य करती है।
हरियाणा राज्य रैडक्रास की सयुंक्त सचिव एवं समान्नित अतिथि श्रीमति सविता अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुये युूवाओ से अपील की कि षिविर मे प्राप्त ज्ञान अन्य छात्रो के साथ साझां जरूर करे ताकि दूसरे युवा भी लाभन्वित हो सके।
शिविर निदेशक, श्री एन0 के अरोडा ने षिविर के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि इस षिविर में प्रतिभागियों को विषयों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा जागरूक किया जायेगा । श्री अरोडा ने प्रतिभागियो स्वैछित रक्तदान के बारे मे प्रेरित करते हुआ कहा कि हर स्वस्थ नौजवान को वर्ष में कम से कम 4 बार रक्तदान अवष्य करना चाहिए इससे न केवल रक्त की आपूर्ति को पूरा किया जा सकेगा अपितू हर व्यक्ति को समय पर रक्त भी उपलब्ध हो सकेगा ।
श्री संजीव धीमान, सयुक्त षिविर निदेषक एवं राज्य प्रषिक्षण पर्यवेक्षक, हरियाणा राज्य षाखा चण्डीगढ ने कैम्प मे आए हुए प्रतिभागियो को रैड क्रास की स्थापना व इतिहास तथा रैड क्रास के चिन्ह पर विस्तृत प्रकाश् डालते हुए कहा कि रैड क्रास के सस्थापंक सर जीन हेनरी डयूना का जन्म 8 मई 1828 को जिनेवा (स्विजरलैड) मे हुआ था । और उनकी मानवता के प्रति सेवा भावना के 1863 मे अन्र्तराष्टीय रैडक्रास कमेटी की स्थापना हुई और भारत मे 1920 मे भारतीय रैडक्रास समिति की स्थापना हुई । पूरे विश्व मे रैड क्रास ऐसी सस्ंथा है जिसको चार वार नोवल शान्ति पुरस्कार से नवाजा गया । उन्होने कहा कि रैडक्रास आज पूरे विश्व मे लगभग 186 देशो मे कार्यरत है।
श्री एस0 एन0 वर्मा, सचिव, श्री माता मन्सा देवी पूजास्थल बोर्ड, पचकूला ने शिविर मे आये हुए युवाओ को भारतीय सभ्यता व संस्कृति के बारे मे विस्तारपूर्वक अपने विचार प्रकट किये व युवाओ को देश हित मे कार्य करने हेतु पे्ररित किया और युवाओ को संस्कारी होने की प्रेरणा दी । उन्होने कहा कि भारतीय संास्कृति संस्कार प्रदान करती है । जहॉ से पाश्चात्य संस्कृति का अन्त होता है वहॉ से भारतीय संस्कृति का उदय होता है। इस दौरान संगीत प्रतियोगिता प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया जिसका प्रतिभागियों ने भरपूर आनन्द लिया । इस अवसर पर टेकचन्द यादव, विजय कुमार, सर्वजीत सिह, अनील कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।

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