साहित्य समाज का दर्पण है : आचार्य देव्रवत

 

पंचकूला, 06 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य न केवल समाज को नई दिशा दिखाता हैबल्कि युवा पीढ़ी को संस्कृति के प्रति प्रेरित भी करता है। समाज में जो कुछ घटित हो रहा हैउसे साहित्यकार सृजन के माध्यम से पेश करता है।राज्यपाल आचार्य देवव्रत शनिवार को हरियाणा साहित्य अकादमी के सभागार में पुस्तक लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करके विधिवित रूप से कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह में हरियाणा साहित्य अकादमी की निदेशक डॉ. कुमुद बंसल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि साहित्य के जरिये न केवल समाज को जोड़ा जा सकता है बल्कि समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा सकता है। इस समय नशा समाज को खोखला कर रहा है। इसके अतिरिक्त साहित्य के जरिये बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओसामाजिक समरसतापर्यावरणजल संरक्षण एवं जीरो बजट प्राकृतिक खेती पर भी साहित्य सृजन करने का भी आह्वान किया।

आचार्य ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण एक चुनौती के रूप में है। इसलिए साहित्य सृजन के जरिये लोगों को नया संदेश दिया जा सकता है। पर्यावरण को स्वच्छ न रख पाने के कारण बीमारियां भी बढ़ रही हैं।

इस अवसर पर हरियाणा उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. चंद्र त्रिखाविद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ. रामेंद्र सिंहसाहित्य अकादमी नई दिल्ली के हरियाणा सदस्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. लालचंद गुप्त मंगल प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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