उपायुक्त ने काली माता मंदिर कालका में पार्किंग के निर्माण को लेकर आयोजित बैठक की करी अध्यक्षता श्री सुशील सारवान ने अधिकारियों को पार्किंग के निर्माण को लेकर दिए दिशा-निर्देश

पंचकूला, 20 फरवरी – उपायुक्त श्री सुशील सारवान ने आज काली माता मंदिर कालका में संबंधित अधिकारियों की आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और मन्दिर में पार्किंग स्थल निर्माण को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
श्री सुशील सारवान ने बताया कि श्री काली माता मंदिर कालका के नजदीक स्थित पहाड़ी पर 11 बीघा जमीन मंदिर को दान मिली जगह है। इस जमीन तक पहुंचने के लिए नदी के उपर से पुल निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड की तरफ से पुल के रास्ते की चौड़ाई लगभग 50 फीट तक रखे जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मौके का मुआयना करके रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए ताकि जल्द ही काम शुरू किया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि मंदिर की 11 बीघे जमीन पर पार्किंग के साथ-साथ भंडारा स्थल बनाया जाएगा और सुंदर वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शौचालयों की व्यवस्था भी की जायेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि यातायात सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पार्किंग स्थल की जरूरत है। मंदिर में पार्किंग बनने से समस्या का समधान होगा।
इस अवसर पर तहसीलदार कालका विवेक गोयल, श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के एसडीओ राकेश पाहुजा, काली माता मंदिर कालका के सचिव पृथ्वीराज, एमसी कालका के ईओ रविन्द्र कुमार, सिंचाई विभाग के एसडीओ सुखविन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सतपाल, आरएफओ कालका मनीर गुप्ता, एसडीएम कार्यालय कालका के एएसआर नरेश कुमार, एमसी कालका एमई दर्शन लाल, सिंचाई विभाग जेई रविन्द्र कौर, पटवारी प्रवीन वर्मा मौजूद रहे।

टीबी हारेगा देश जीतेगा” के तहत ब्लॉक रायपुर रानी में वयस्क बीसीजी टीकाकरण अभियान की शुरुआत

पंचकूला फरवरी 20: टीबी मुक्त पंचकूला की ओर बढ़ते कदम में “टीबी हारेगा देश जीतेगा” के तहत आज जिला के ब्लॉक रायपुर रानी में सिविल सर्जन डॉ मुक्ता कुमार की अध्यक्षता में वयस्क बीसीजी टीकाकरण अभियान कि शुरुआत कि गई जिसमे 5 वर्ष पुराने टीबी मरीजों को, पिछले 3 वर्ष से टीबी मरीजों के परिजनों को शुरुआत में टीका लगाया गया।
इस अभियान के तहत आज कुल 45 लाभार्थियों को टीबी से बचाव के लिए वयस्क बीसीजी का टीका लगाया गया ।
इस मौके पर जिला टीबी अधिकारी डॉ मोनिका कौरा के साथ जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ मीनू सासन व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सीएचसी रायपुर रानी डॉ संजीव गोयल व सभी कर्मचारी भी मौजूद रहे ।

राजकीय महाविद्यालय कालका में एचआईवी/ एड्स विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का सफल आयोजन

पंचकूला फरवरी 20: राजकीय महाविद्यालय कालका की प्राचार्या प्रोमिला मलिक के कुशल नेतृत्व में रेड रिबन क्लब की ओर से एचआईवी/ एड्स विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
प्राचार्या प्रोमिला मलिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एचआईवी/ एड्स उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। एचआईवी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है। एचआईवी दुनिया की प्रमुख संक्रामक एवं जानलेवा बीमारी है। एचआईवी एड्स से निपटने का एकमात्र उपाय है इसकी रोकथाम। एचआईवी संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका है कि लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाए। लोगों को इसकी उत्पत्ति एवं प्रसार के बारे में बताया जाए ताकि लोग इस महामारी के दुष्प्रभाव से बच सके।
प्रस्तुत कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को टी.बी., रक्तदान और नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए भी जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम रेड रिबन क्लब की नोडल ऑफिसर प्रोफेसर नीतू और उनके सदस्या प्रोफेसर स्वाति, डॉक्टर गीता, डॉक्टर नवनीत नैंसी और असिस्टेंट प्रोफेसर सविता के मार्गदर्शन और दिशा निर्देशन में किया गया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कुल 6 टीमों ने भाग लिया। प्राचार्या प्रोमिला मलिक ने विजेता टीमों के विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान किये और उन्हें शुभकामनाएं दी।

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 22 और 23 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का किया जाएगा आयोजन

पंचकूला फरवरी 20: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती प्रोमिला मलिक के तत्वाधान में वाणिज्य विभाग द्वारा 22 और 23 फरवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
श्रीमती अरुणा आसफ अली राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कालका और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद एनडब्लयूआरसी पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी बहु- अनुशासनात्मक का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय ट्रिलियन डॉलर भारतीय अर्थव्यवस्था में वाणिज्य के मुद्दे और चुनौतियां है।
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉक्टर करमजीत सिंह कुलपति, जगत गुरु नानक देव पंजाब राज्य मुक्त विश्वविद्यालय पटियाला रहेंगे। मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ मंजीत सिंह रजिस्ट्रार, जगत गुरु नानक देव पंजाब राज्य मुक्त विश्वविद्यालय पटियाला रहेंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक वाणिज्य विभाग अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र अटवाल है और आयोजन सचिव डॉक्टर राजीव कुमार है।

हम सबने यह ठाना है, हरियाणा को जल सुरक्षित राज्य बनाने के लिए “हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण” एवं “अटल भूजल योजना” के माध्यम से जन-आन्दोलन बनाना है

पंचकूला फरवरी 20: अटल भूजल योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95 वीं जयंती पर शुरू की गई एक महत्वपूर्ण भूजल प्रबंधन योजना है। इस योजना का उद्देश्य भूजल स्तर में गिरावट को रोकना और समुदायों तथा संबंधित विभागों को सम्मिलित करते हुए भूजल प्रबंधन में सकारात्मक सुधार करना है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की भूजल प्रबंधन के प्रति गंभीरता ने सम्बंधित विभागों के आला अधिकारियों में उर्जा का संचार किया है, भूजल प्रबंधन राज्य के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में से एक है I किसानों के प्रति उनकी संवेदना किसी से छिपी नहीं है I मुख्यमंत्री किसानों और उनके भविष्य के प्रति हर सम्भव प्रयास करने हेतु सदैव तत्पर रहते हैं I
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की चेयरपर्सन श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल हरियाणा को भूजल बचाने में अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भूजल के महत्व के संबंध में, जल संरक्षण सतत विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है, और यह सराहनीय है कि सरकार इस क्षेत्र में चुनौतियों का समाधान करने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। श्रीमती आनंद ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक भूजल-सहेली का चयन किया गया है, जो नियमित रूप से वर्षा जल मापने, भूजल स्तर की जानकारी किसानों एवं ग्रामीणों के साथ साझा करती है I
मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री देवेन्द्र सिंह ने राज्य में भूजल की स्थिति, उपलब्धता एवं प्रबंधन के प्रति सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को त्रुटिरहत आंकड़ों के आधार पर सटीक योजना बनाकर क्रियान्वित करने के लिए प्रोत्साहित किया है I उन्होंने “मेरा पानी मेरी विरासत” अभियान के तहत सरकार द्वारा की गई उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की बर्बादी रोकने के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त की है और भूजल के उचित उपयोग को बढ़ावा दिए जाने का आवाहन किया है।
परियोजना निदेशक, अटल भूजल योजना डॉ. सतबीर सिंह कादियान विभागीय अधिकारियों एवं अभियान में लगे राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर के समस्त मानव संसाधन को जल संसाधनों के कुशल उपयोग के संबंध में अन्य राष्ट्रों के तुलनात्मक अध्ययन हेतु वैश्विक तस्वीर जैसे मैक्सिको, इज़राइल, सिंगापुर आदि की सर्वोत्तम प्रथाओं की जानकारी साझा करते हैं ताकि तदनुसार बेहतर भूजल प्रबंधन करते हुए भूजल स्तर को बढाया जा सके ।
अटल भूजल योजना के अतिरिक्त परियोजना निदेशक एवं चीफ इंजीनियर श्री बिजेंदर सिंह नारा अटल भूजल योजना सम्बन्धी गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं उसकी निगरानी समय पर किये जाने हेतु निरंतर जनपदों को निर्देशित एवं आई.ई.सी. गतिविधियों को सफलता पूर्वक संचालित किये जाने हेतु सक्रियता से संलग्न रहते हैं I उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के लिए हर कोई जिम्मेदार है और हमें संबंधित विभागों के सकारात्मक सहयोग से मिलकर भूजल प्रबंधन करना ही है । जल स्तर को ऊँचा उठाने हेतु परिणाम प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों को संवेदनशील बनाया जाना आवश्यक है ।
अटल भूजल योजना के अधीक्षण अभियंता श्री प्रमोद जैन ने बताया कि अटल भूजल योजना के क्रियान्वयन के दौरान योजना के उद्देश्यों, सर्वोत्तम प्रथाओं, जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण, उसके क्रियान्वयन का एस.पी.एम्.यू. द्वारा निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है I क्रियान्वयन की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु बृहद स्तर पर कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए ग्राम पंचायत स्तर तक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है I हाल ही में समस्त लक्षित ग्रामों की भूजल सहेलियों का प्रशिक्षण प्रथम वार आयोजित किया जा रहा है ताकि सार्थक परिणाम प्राप्त हो सकें I
योजना में अब तक लक्षित ग्राम पंचायतों में 1669 रेन गेज, 1000 पीजोमीटर 2000 वाटर फ्लोमीटर, 2 जल गुणवत्ता प्रयोगशाला का निर्माण अटल भूजल योजना के अंतर्गत किया गया है I किसानों को जागरूक कर कम सिंचाई वाली फसलों की ओर फसल विविधीकरण का कार्य किया जा रहा है, किसानों को प्रोत्साहित करके अब तक लगभग 15500 हेक्टेयर जमीन पर धान की सीधी बुआई पद्धति को किसानों द्वारा अपनाया गया है I नियमित जागरूकता बैठकों, स्कूल रैलियों, वाल पेंटिंग, स्कूल प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटक, इत्यादि आई.ई.सी. गतिविधिओं का आयोजन कर किसानों/ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है I

श्रीमती प्रवीन जोशी ने हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष का किया पदभार ग्रहण

पंचकूला, 20 फरवरी: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती प्रवीन जोशी ने आज सैक्टर-6 स्थित आयोग के कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया।
श्रीमती जोशी ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण एवं माँ भगवती के आशीवार्द के साथ पदभार ग्रहण किया। उनके पदभार ग्रहण करने पर महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने उन्हें फोन कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
श्रीमती जोशी ने कहा कि वे कल ही आयोग की आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर आयोग के कार्यो की समीक्षा करेंगी और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश देंगी।
इस अवसर पर आयुक्त एवं सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग अमनीत पी कुमार, सचिव हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग- सह- निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग मोनिका मलिक, आर एस ढिल्लों, आईएएस, पलवल के विधायक दीपक मंगला, राई से विधायक मोहन लाल कौशिक, पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, सदस्य हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सुमन राणा, मानद महासचिव हरियाणा बाल कल्याण परिषद रंजिता मेहता, प्रदेश कोषाध्यक्ष वरिंद्र गर्ग, शूगर फेड के पूर्व अध्यक्ष हरपाल चीका, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया , बीजेपी जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा, महामंत्री परमजीत कौर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी संजय आहूजा, जिला मीडिया प्रभारी नवीन गर्ग सहित श्रीमती जोशी के परिवारजन और करीबी रिश्तेदार उपस्थित थे।

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