प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री ने मनसा देवी मंदिर में की पूजा अर्चना – 4 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बने विकास कार्यों किए समर्पित.

पंचकूला, 8 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अश्विन नवरात्र के दूसरे दिन आज श्री माता मनसा देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि व खुशहाली के लिए मनोकामना की। उन्होंने यज्ञशाला में आयोजित हवन में आहूति डाली और लगभग 4 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वर्ष 1991 से माता मनसा देवी, पंचकूला व काली माता मंदिर, कालका का अधिग्रहण किया गया है, तब से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 2 करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से बने माता मनसा देवी मंदिर से पटियाला मंदिर तक जोड़ने वाले मेन कॉरिडोर का उद्घाटन किया। उन्होंने श्री वाटिका पार्किंग का भी लोकार्पण किया, जिस पर 2 करोड़ 4 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस पार्किंग में श्रद्धालुओं को वाहन खड़े करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पिंजौर और कालका में काली माता मंदिर के शक्ति स्तम्भ का भी लोकार्पण किया। इनके निर्माण पर 22.65 लाख रुपये लागत आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधीन आने वाले मंदिरों के विकास के लिए नए-नए प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा रही है, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिलें।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि माता मनसा देवी के दर्शन करने से हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है। साल में दो बार लगने वाले नवरात्र मेले के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। उनकी सुविधा को लेकर हरियाणा सरकार और श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड प्रतिबद्ध है।
फसलों की होगी स्पेशल गिरदावरी
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि बारिश की वजह से फसलों में काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए स्पेशल गिरदावरी करने के आदेश दे दिए हैं। गिरदावरी के बाद किसानों की खराब फसल का उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से कुछ जगह फसल की खरीद भी प्रभावित हुई है। सरकार ने खरीद प्रक्रिया को दुरुस्त करने के आदेश भी दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना से छोटे किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार की मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना बेहद लाभकारी है। इस योजना से अत्यंत गरीब परिवार के घर तक सरकार सीधे पहुंचेगी और उसे योजना का लाभ देकर उसका आर्थिक विकास सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि छोटे से छोटे किसानों व मजदूरों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा और सरकार के अंत्योदय के विकास का सपना पूरा होगा।
कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार का उद्देश्य
श्री मनोहर लाल ने कहा कि उन्हें माता मनसा देवी शक्तिपीठ में आभास हुआ कि माता रानी हम सब की सुरक्षा करेंगी इसीलिए वे अपने उस बयान को वापिस लेते हैं जिसमें उन्होंने जरूरत होने पर आत्मरक्षा की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था कायम रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने माता मनसा देवी से देश-प्रदेश के सभी नागरिकों की सुख समृद्धि की कामना की है।
इस अवसर पर अंबाला मंडल की आयुक्त श्रीमती रेनु एस फुलिया, उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री विनय प्रताप सिंह, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा, श्री माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री वीईएस गुप्ता, पूर्व गेल निदेशक श्रीमती बंतो कटारिया, बोर्ड की सचिव श्रीमती शारदा प्रजापति, जिला बीजेपी प्रधान अजय शर्मा, बीजेपी पूर्व जिला प्रधान दीपक शर्मा, मीडिया कोआॅर्डिनेटर श्री रमनीक सिंह मान, जिला संगठन महामंत्री विरेन्द्र राणा, श्याम लाल गर्ग, बोर्ड के सदस्य बलकेश वत्स, श्यामलाल बंसल, नरेन्द्र जैन, जिला मीडिया प्रभारी नवीन गर्ग व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र का किया उदघाटन
– पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र एक जीवन रक्षक आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र है

पंचकूला, 8 अक्तूबर- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला नागरिक अस्पताल सेक्टर 6 में पीएम केयर फंड और सीएसआर के तहत स्थापित पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र का वर्चुअल माध्यम से उदघाटन किया।
इस अवसर पर सेक्टर 6 सिविल अस्पताल में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक डाॅ. वीके बंसल और प्रिंसीपल मेडीकल आॅफिसर सिविल अस्पताल डाॅ सुवीर सक्सेना भी उपस्थित थे।
पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र नवीनतम मशीनरी है जो 93-95 प्रतिशत की शुद्धता के साथ पर्यावरणीय परत से आॅक्सीजन निकालती है। पीएसए प्रेशर स्विंग सोखना प्रणाली है जो शुद्धता की आॅक्सीजन का मेडीकल ग्रेड देती है। इससे बीमार रोगियों को आपूर्ति की जा सकती है और यह एक जीवन रक्षक आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र साबित होता है। ये पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र पूरे देश में पीएम केयर और सीएसआर फंड के तहत स्थापित किए गए हैं। यह भारत के नागरिकों के लिए गर्व की बात है कि हरियाणा के विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में भी पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किए गए हैं। पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्र कोविड-19 महामारी में एक जीवन रक्षक संयंत्र साबित हुआ है।
उल्लेखनीय है कि पीएसए आॅक्सीजन उत्पादन संयंत्रों के सभी उदघाटन का वस्तुतः सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अवलोकन किया गया था।
पंचकूला जिला की 3 अनाज मंडियों में अब तक 18935 मीट्रिक टन धान की, की जा चुकी है खरीद-उपायुक्त विनय प्रताप सिंह

पंचकूला, 8 अक्तूबर- जिला में खरीफ सीजन 2021-22 में सरकारी खरीद एजंसियों द्वारा धान की खरीद का कार्य प्रगति पर है। अब तक जिला की तीन मंडियों में 18935 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जिसमें से 10690 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा तथा 8245 मीट्रिक टन हरियाणा वेयरहासिंग द्वारा खरीदी गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री विनय प्रताप सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन 2021-22 में जिला में दो सरकारी खरीद एजंसियों द्वारा धान की खरीद की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक पंचकूला अनाज मंडी में 1355 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है जिसमें से 255 मीट्रिक टन हरियाणा वेयरहाउसिंग काॅर्पोरेशन द्वारा तथा 1100 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा खरीद की गई है। इसी प्रकार बरवाला अनाज मंडी में 10960 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है जिसमें से 5860 मीट्रिक टन हरियाणा वेयरहासिंग कार्पोरेशन द्वारा व 5100 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा खरीद की गई। उन्होंने बताया कि रायपुररानी अनाज मंडी में अब तक 6620 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है जिसमें से 2130 मीट्रिक टन हरियाणा वेयरहाउसिंग काॅर्पोरेशन द्वारा तथा 4490 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा खरीद की गई है।
पंचकूला जिला में बरवाला, रायपुररानी व पंचकूला में स्थापित तीन अनाज मंडियों में सरकारी खरीद एजंसियों नामतः हैफेड तथा हरियाणा वेयरहासिंग कार्पोरेशन द्वारा फसलों की खरीद की जा रही है।


औषधीय एवं सुगन्घित पौधों की वैज्ञानिक खेती के बारे में व्यवसायिक प्रशिक्षण का किया आयोजन
परंपरागत खेती में बदलाव करते हुए फसल विविधीकरण पर जोर देना समय की मांग
पचंकूला, 8 अक्तूबर- चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र, पंचकूला द्वारा गाँव हंगोला, ब्लॉक रायपुररानी में औषधीय एवं सुगन्घित पौधों की वैज्ञानिक खेती के बारे में व्यवसायिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
इस मौके पर केंद्र की इंचार्ज डॉ श्री देवी तल्ला प्रगड़ा ने कहा कि परंपरागत खेती में बदलाव करते हुए फसल विविधीकरण पर जोर देना समय की मांग है। वर्तमान समय में इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि परंपरागत कृषि पद्धति में बदलाव करके किसानों को औषधीय पौधों की खेती की ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे किसान की आमदनी में भी इजाफा हो सके। उपभोक्ता, बाजार, व्यापार और मार्केट की मांग के अनुरूप फसलों का उत्पादन किया जाना चाहिए ताकि किसान को अधिक से अधिक लाभ हासिल हो सके। वर्तमान समय में एकल फसल प्रणाली को छोड कर समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाना ही एकमात्र विकल्प है। औषधीय पोधों का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे न केवल अपना औषधीय महत्व रखते हैं बल्कि आय का भी एक जरिया बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे शरीर को निरोगी बनाये रखने में औषधीय पौधों का अत्यधिक महत्व होता है।
सस्य वैज्ञानिक डॉ वंदना ने बताया कि औषधीय पौधों का महत्व उसमें पाए जाने वाले रसायन के कारण होता है। औषधीय पौधे खांसी एवं वातकाशमन करने, पीलिया, हैजा, फेफड़ा, अण्डकोष, तंत्रिका विकार, दीपन, पाचन, उन्माद, रक्तशोधक, ज्वरनाशक, स्मृति एवं बुद्धि का विकास करने, मधुमेह, मलेरिया एवं बलवर्धक, त्वचा रोगों एवं ज्वर आदि में लाभकारी हैं। औषधीय पौधे जैसे घृत कुमारी, तुलसी, ब्राम्ही, हल्दी, सदाबहार, शतावर, मुलहटी आदि की वैज्ञानिक खेती करके काफी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सुगंधित पौधों जैसे लेमन ग्रास, सिट्रोनेला, तुलसी, जिरेनियम पामारोजा/रोशाग्रास के बारे में भी किसानो को जानकारी दी गयी । इस मौके पर कृषि वैज्ञानिक डॉ गुरनाम सिंह औरडॉ राजेश ने भी अपने विचार किसानों के साथ साँझा किये ।

हरियाणा गौ सेवा आयोग और डाबर इंडिया के आयुर्वेट रिसर्च फाउंडेशन के मध्य अनुबंध पर हुए हस्ताक्षर

गौ आधारित पदार्थ, अनुसंधान से वैज्ञानिक कसौटी पर उतरेंगे खरे – श्रवण कुमार गर्ग

पंचकूला, 8 अक्तूबर- हरियाणा गौ सेवा आयोग डाबर इंडिया की सामाजिक परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत संचालित आयुर्वेट रिसर्च फाउंडेशन, दिल्ली के मध्य आज हरियाणा गौ सेवा आयोग के पंचकूला स्थित कार्यालय में एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।
इस मौके पर हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग व आयुर्वेट रिसर्च फाउंडेशन, दिल्ली के प्रबंधक ट्रस्टी मोहन सक्सेना, ए सी वारसने पूर्व कुलपति, डा अनूप कालड़ा, आयोग के उपाध्यक्ष विद्यासागर बाघला, सचिव डा चिरंतन कादयान, पिंजौर में स्थापित गौ अनुसंधान केंद्र के ट्रस्टी नवराज धीर आदि उपस्थित रहे।
हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने इस मौके पर बताया कि आयुर्वेद रिसर्च फाउंडेशन गोबर गैस, गोबर खाद, कृत्रिम गर्भाधान, ग्रामीण उत्थान, ग्रामीण रोजगार सृजन जैसे अनेकों सामाजिक उत्थान के विषयों पर पिछले कई वर्षों से कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि इस हस्ताक्षरित अनुबंध के दौरान गो आधारित पदार्थों जिनमें गाय का गोबर, गोमूत्र, दूध आदि से बने अनेकों पदार्थों, नस्ल सुधार, भ्रूण प्रत्यारोपण आदि पर अनुसंधान का कार्य परस्पर सहयोग से होगा।
चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में हरियाणा गौ सेवा आयोग प्रदेश की गौशालाओं को लगातार स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह हस्ताक्षरित अनुबंध हरियाणा की गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। हरियाणा गौ सेवा आयोग और आयुर्वेट रिसर्च फाउंडेशन मिलकर गौ आधारित पदार्थों को अनुसंधान करके वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतारने का प्रयास करेंगे। हरियाणा गौ सेवा आयोग के तकनीकी मार्गदर्शन में पिंजौर की श्री कामधेनू गौशाला सेवा सदन में स्थापित अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। गौ अनुसंधान केंद्र में बन रही गोबर आधारित विभिन्न प्रकार की खाद, गोमूत्र के विभिन्न अर्क, गोबर से बनने वाले उत्पादों का निरीक्षण किया।

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