नगर निगम पंचकूला की ओर से सेक्टर पांच स्थित इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में स्वच्छता और ओडीएफ कायम रखने के विषय पर हितधारक पराशर्म कार्यशाला का आयोजन.

पंचकूला, 21 दिसंबर- नगर निगम पंचकूला की ओर से सेक्टर पांच स्थित इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम में स्वच्छता और ओडीएफ कायम रखने के विषय पर हितधारक पराशर्म कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें भारत सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा पंचकूला के विधायक एवं राज्य मुख्य संचेतक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका की विधायक लतिका शर्मा तथा स्वच्छ भारत मिशन की ब्रैंड एम्बेसिडर सुधा शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में  पहुंचे।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्रा ने सफाई कर्मचारियों को स्वच्छता के सिपाही की संज्ञा देते हुए कहा कि स्वच्छ पंचकूला, स्वच्छ हरियाणा या स्वच्छ भारत मिशन के अभियान को तब तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सकता जब तक उसमें स्वच्छता के सिपाही अपनी भूमिका नहीं निभाएंगे। भारत में दो तरह के सिपाही हैं, एक जो देश की सीमाओं पर दिन-रात पहरा देकर हमारी रक्षा करते हैं और दूसरे आप लोग जो गंदगी रूप राक्षस से देश की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अत्योदय योजना के तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक के लिए योजनाएं चला रही है  क्योंकि जब तक देश के अंतिम व्यक्ति का विकास नहीं होगा तब तक प्रदेश व देश तरक्की नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री की सोच की अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि जब तीन वर्ष पूर्ण उन्होंने स्वच्छता अभियान की शुरूआत की तो वह लाल किले या इंडिया गेट से करते हुए वाल्मिकी बस्ती से की गई।
उन्होंने कहा कि पहले गंदगी साफ करने वाले काम को नीचा समझा जाता था। लेकिन आज धारणा बदल रही है ओर तुलना होनी शुरू हो गई है कि गंदगी फैलाने वाला बड़ा है या उसी गंदगी को साफ करने वाला। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छ हरियाणा-सवच्छ भारत मिशन की शुरूआत की गई और उसमें हम काफी हद तक सफल भी हुए पर अब जरूरत है उस सव्च्छता को बनाए रखने की क्योंकि यह स्वच्छता का प्रमाण पत्र लेकर 6 महीने तक वैध है उसके बाद फिर से सरकार सर्वे करेगी और दुबारा से हमें इस प्रमाण पत्र को हासिल करना है। उन्होंने बताया कि 4 जनवरी से पूरे भारत में दुबारा से स्वच्छता का सर्वेक्षण होगा और हमें उसमें अच्छे रैंक पर आना है, जिसके लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर पंचकूला के विधायक एवं मुख्य संचेतक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि आज हम पंचकूला या हरियाणा नहीं बल्कि पूरे देश को स्वच्छ एवं सुंदर देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमें स्वच्छ भारत का विजन दिया जिसके लिए न केवल, बच्चे तथा युवा बल्कि बजुर्गों और हम सबको मिल कर कार्य करना होगा।  स्वच्छता एक दिन का काम नहीं है , यह एक निरंतर प्रक्रिया है। हमारे युवा और बच्चे आज के समय में विदेशों की ओर आकर्शित हो रहे हैं, इसका कारण यह नहीं कि यहां पर अच्छी शिक्षा नहीं है बल्कि इसका कारण यह है कि उन्हें लगता है कि हमारे देश में गंदगी, प्रदूषण तथा भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि यदि हमारा देश साफ होगा तो हमारे युवा जागरुक होंगे।
विधायक ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के सहयोग के बिना न पंचकूला साफ रह सकता है, न हरियाणा और न ही देश। इसके लिए हमें उनके सहयोग की आवश्यक्ता है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए लोगों का आहवान करते हुए कहा कि कोई भी अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसमें जन भागीदारी न हो। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को परामर्श देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए इसमें बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करें और इसके लिए स्कूलों व कालेजों में प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाएं ताकि बच्चे इसके प्रति जागरुक हों। उन्होंने कहा कि जो काम बच्चे कर सकते हैं वह कोई नहीं कर सकता।
स्व्च्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पंचकूला की भूतपूर्व एडीसी हेमा श्र्मा का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रदेश में अभियान चला था तब उन्होंने सुबह के 4 बजे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक किया और लोगों ने उनकी बातों को समझा भी। लेकिन उस समय लोगों की समस्या थी कि उनके पास शौचालय पैसे नहीं हैं, जिसके लिए सरकार ने उन्हें 12-14 हजार रूपए शौचालय निर्माण के लिए उपलब्ध करवाए। कई लोग शौचालय बनवाने के बाद भी उसे प्रयोग नहीं करते थे, जिसके लिए उन्हें प्रेरित किया गया। इसी प्रकार जब पंचकूला के शहरी क्षेत्र को ओडीएफ करने की मुहिम चली तो कम्युनिटी शौचालय उपलब्ध करवाने के साथ-साथ ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों व अन्य मजदूरों के लिए मोबाईल शौचालय उपलब्ध करवाए गए।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त राजेश जोगपाल ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता के सिपाहियों ने पंचकूला शहर को ओडीएफ बनाने की दिशा में पूरी निष्ठा एवं लग्र से कार्य किया और आठ दिन में पंचकूला शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए विशेष संज्ञा देने में पहल की। उन्होंने प्रण लेते हुए कहा कि 2018 के स्वच्छ सर्वेक्षण को पंचकूला को प्रदेश में नंबर वन जिला ही नहीं अपितु पूरे देश में इस दिशा में उच्च स्वच्छता की दिशा में स्थान दिलवाने में प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पंचकूला प्रदेश का ऐसा पहला जिला है कि स्वच्छता के सिपाहियों ने ग्रामीण क्षेत्र को ओडीएफ बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसलिए वे बधाई के पात्र है। इसी प्रकार पंचकूला शहर को ओडीएफ बनाने के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
इस कार्यशाला में सीनियर डिप्टी मेयर एसएस नंदा, डिप्टी मेयर सुनील तलवार, पार्षद सीबी गोयल,  ओमवती पुनिया, नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग सहित काफी संख्या में स्वच्छता सैनिकों ने भाग लिया।
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