प्रदेश को कुपोषण मुक्त व स्वास्थ्ययुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य आधारभूत संरचनाओं में उच्च स्तरीय पहल की जाएगी- विज.

पंचकूला, 29 नवंबर- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश को कुपोषण मुक्त व स्वास्थ्ययुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य आधारभूत संरचनाओं में उच्च स्तरीय पहल की जाएगी ताकि प्रदेश के सभी वर्गों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
श्री विज आज पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं को अपग्रेड करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसके चलते लोगों को निशुल्क तथा नहीं के बराबर कीमत पर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करवाई जा रही हैं। इससे गरीब से गरीब व अमीर से अमीर मां-बाप भी अपने उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों को प्राथमिकता देने के लगे हैं। इसके फलस्वरूप राज्य के सरकारी अस्पतालों में करीब 20 प्रतिशत तक की ओपीडी तथा 12 प्रतिशत आईपीडी की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने राष्टï्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में पांच ‘नवजात शिशु सुरक्षा एंबूलेंस’ को झंडी दिखा कर रवाना किया। यह सभी एबुलेंस प्रदेश के सभी मण्डलों में अपनी सेवाएं देंगी। इनकी सहायता से नवजात बच्चों को उपचार के  लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेजाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस समय विभाग के पास 60 एंबुलेंस काम कर रही हैं, जिनमें एडवांस लाईफ सपोर्ट सिस्टम की सुविधा भी मरीजों को उपलब्ध हो रही है। श्री विज ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए फूड फोर्टिफाईड को प्राथमिकता के आधार पर अपनाया जाएगा। इसके तहत अनाज में उचित पोषक तत्व मिलाने पर विचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने उच्च जोखिम गर्भावस्था पोर्टल तथा नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ‘हरियाणा न्यूबोर्न एक्शन प्लान’ बुकलेट का भी शुभारंभ किया। इस बुकलेट में नवजात बच्चों के उपचार हेतु प्रोटोकोल का वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था पोर्टल के लांच अवसर पर अधिकारियों को प्रदेश की सभी उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का रिकार्ड ऑनलाईन रखने के निर्देश दिये ताकि उनका सही तरीके से उपचार किया जा सके।
श्री विज ने कहा कि किसी भी देश व प्रदेश की प्रगति में उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधित पैरामीटर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आजादी से अब तक गत सरकारों ने कभी इन दोनो विषयों पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया, परंतु हमारी सरकार के दौरान स्वास्थ्य पैरामीटर्स में अप्रत्याशित सुधार दर्ज किया गया है, जिसके फलस्वरूप नवजात शिशु मृत्यु दर 24, शिशु मृत्यु दर 33 तथा मातृ मत्यु दर 127 रह गई हैं, जो कि राष्ट्रीय स्तर के पैरामीटर्स की तुलना में बहुत कम है। हमारी इच्छा है कि इन सभी पैरामीटर्स को हम शून्य तक ले जाएं ताकि किसी भी बच्चे या उसकी माता की अकाल मृत्यु न हो सके। वर्ष 2014 से पहले हरियाणा की शिशु मृत्यु दर 42 हुआ करती थी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, करनाल, रोहतक, नारनौल, यमुनानगर तथा पानीपत जिलों के 62 बच्चों को प्रोत्साहन किट देकर सम्मानित किया गया। इन बच्चों का सरकार ने विभिन्न बीमारियों का उपचार देश के उत्कृष्ट अस्पतालों  में नि:शुल्क करवाया है, जिन पर गत अप्रैल माह से अब तक करीब छह करोड़ रूपए खर्च हुए।
कार्यक्रम के दौरान श्री विज ने फोर्टिस अस्तपाल मोहाली, आर्मेटिस अस्पताल गुरुग्राम व नारायण हृदयालय जयपुर के डॉक्टरों को सम्मानित किया तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में बेहतर कार्य करने वाले 9 डॉक्टरों  को भी प्रशंसा पत्र दिये।
विभाग के प्रधान सचिव श्री अमित झा ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक इस कार्यक्रम के तहत 1.12 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। इसके तहत 29 बीमारियों की जांच कर उन्हें उपयुक्त अस्पतालों में रेफर किया गया है ताकि उनका उचित उपचार किया जा सके। इस अवधि के दौरान हरियाणा सरकार ने करीब 11 लाख बच्चों को चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती पी अमनीत कुमार ने इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में आयूष विभाग के महानिदेशक डॉ० साकेत कुमार, हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ० सतीश अग्र्रवाल, विभिन्न जिलों से उपचारित बच्चों के अभिभावक तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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