भक्त के हृदय में हर समय प्रभु का भय रहता है श्री -जगदीश राम निरंकारी.

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चण्डीगढ़ 5 नवम्बर: भक्त हर समय सन्तों का दास बन कर रहता है, उसके हृदय में हर समय प्रभु-परमात्मा के प्रति भय बना रहता है, जब भी उससे जाने-अनजाने में यदि कोई गल्ती होती है तो उसे उसका बहुत अधिक पछतावा होता है, उनके मन में हर समय दूसरों के भले की भावना होती है, ऐसे भक्तों की ही हमेशा संसार में जय-जयकार होती है, ये भाव आज यहां पिंजौर शाखा के मुखी श्री जगदीश राम निरंकारी ने सैक्टर 30 में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में हुए विशाल सन्त समागम में हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए ।

श्री निरंकारी ने आगे कहा कि हम भी ऐसे भक्त बन दिखायें,ं सत्गुरू माता सविन्द्र हरदेव जी महाराज के समय समय पर आने वाले प्रवचनों का पालन करें, जब भी संघर्ष करें तो स्वयं से करें, हम अपने मन को ही टटोलें और गल्तियों को सुधारें क्योंकि यदि हम अपना ही दृष्टिकोण सुधारेंगे तो सारा संसार सुधर जाएगा, निस्वार्थ भाव से सत्संग-सेवा-सिमरन करें, इस तरह से हम भी भक्ति के मार्ग में आगे बढ़ कर हर समय आनन्द की अनुभूति कर सकते हैं ।

इस सत्संग के बाद दिनांक 18-19-20 नवम्बर को देहली में होने वाले 70वें निरंकारी सन्त समागम की तैयारियों के लिए यहां सेवादल सदस्यों की मिटिंग हुई जिसमें 400 के करीब सेवादार उपस्थित थे । इस बैठक की अध्यक्षता यहां के संयोजक ने की।

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