जिला पंचकुला में खरीफ, 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा येाजना की शुरूआत की गई

पंचकूला, 26 अक्तूबर- जिला पंचकुला में खरीफ, 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा येाजना की शुरूआत की गई है । खरीफ सीजन में जिले में धान, बाजरा, मक्का व कपास को शामिल किया गया व रबी मौसम में गेहू, जौ, सरसों व चना फसल को शामिल किया गया है । इस योजना के अन्तगज़्त जिला पंचकुला को कलस्टर-1 में रखा गया है । कलस्टर-1 में आईसीआईसीआई जनरल इन्शोरेन्श कम्पनी को फसलों का बीमा करने के लिए निधाज़्रित किया गया है।
उप कृषि निदेषक, पंचकुला ने जानकारी दी की इस योजना के अन्तगज़्त खरीफ 2017 सीजन में धान फसल पर 578.70, मक्का फसल पर 291.37, बाजरा फसल पर 271.14 व कपास फसल पर 558.47 रूप्ये की प्रीमीयम भुगतान प्रति एकड़/किल्ला किसान द््वारा किया गया है। जिसमें फसलों की प्रति एकड़ बीमित राशि धान के लिए 28947.37/रू0, मक्का के लिए 14574.90/रू0, बाजरा के लिए 13562.75 तथा कपास के लिए 27935.22/रू0 प्रति एकड़ है । यह योजना फसल ऋणी किसानों के लिए अनिवायज़् है।
इस योजना के अन्तर्गत खरीफ फसल के लिए कृृषि एंव किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों द््वारा प्रत्येक गांव में उपलब्ध फसल के आधार पर प्रत्येक फसल में चार-चार फसल कटाई प्रयोग करवाए जा रहे हंै। फसल कटाई प्रयोगो की प्रक्रिया सम्बन्धित जिले के उप कृषि निदेशक के दिशा निदेर्शानुसार जिले के सभी गांवों को समानानुपात में प्रत्येक प्राथमिक कार्यकताओं जैसे कृषि निरिक्षक, कृृषि विकास अधिकारी, खण्ड कृषि अधिकारी, तकनीकी सहायक, खण्ड तकनीकी प्रबन्धक, सहायक तकनीकी प्रबन्धक में बांट कर स्मार्ट फोन के माध्यम से फसल कटाई प्रयोग करवाए जा रहे हंै। फसल कटाई प्रयोगो के लिए मोबाइल ऐप्लीकेशन फसल बीमा के राष्ट्रीय पोर्टल 222.ड्डद्दह्म्द्ब-द्बठ्ठह्यह् वह्म्ड्डठ्ठष्द्ग.द्दश1.द्बठ्ठ पर भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। सर्वंप्रथम प्राथमिक कार्यकर्ता पटवारी की सहायता से प्रत्येक गांव में यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक फसल में अधिकतम चार फसल कटाई प्रयोगो के लिए खेत उपलब्ध हैं या नहीं व गांव अनुसार उपलब्ध फसलों का विवरण तैयार किया गया। यदि गांव में उपरोक्त में से कोई बीमित फसल नहीं है तो इसकी जानकारी प्राथमिकी कार्यकर्ता द्वारा पटवारी से लिखित में प्राप्त कर ली गई हैं। यदि किसी गांव में केवल एक खेत ही उपलब्ध है तो उसका भी फसल कटाई प्रयोग किया जा रहा है। उप निदेशक द्वारा निदेशक कृषि एंव किसान कल्याण विभाग, के आदेशा अनुसार प्रत्येक गांव में सभी प्रयोगों के लिए रैण्डम नम्बर जारी किए गए थे जिसके आधार पर खेतों का चयन किया गया है। खेत का चयन रैण्डम विधि से पैंसल नम्बर के आधार पर किया गया है जैसा कि पूवज़् में किया जा रहा है। प्राथमिक कायज़्कताओज़्ं द्वारा सभी फसल कटाई प्रयोगों की अनुमानित कटाई की तिथि की सूची बनाकर उप कृषि निदेशक कायाज़्लय के माध्यम से कृषि निदेशालय तथा मैसर्ज आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इन्शोरेन्श कम्पनी को कटाई से पहले उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
फसल कटाई प्रयोगों के आंकडे कृषि निदेशालय द्वारा निर्धारित किए गए प्रफोर्मा में भरे जाएगें फसल कटाई प्रयोगों का प्रबन्धन संचालन उप कृषि निदेशक पंचकूला द्वारा किया जा रहा है। यह सूचना भारत सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। फसल कटाई प्रयोगों का निरिक्षण जिले के कृषि विभाग के सभी श्रेणी -ा एंव ाा अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
कृृषि एंव किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव द्वारा उच्च अधिकारियों की डयूटी फसल कटाई प्रयोगों के निरक्षण के लिए लगाई गई है। जिला पंचकूला में कृृषि एंव किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री डी0 के0 बेहरा, आई0 ए0 एस0 व संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) श्री जगराज सिंह डांडी ने इस दौरान खण्ड बरवाला के गांव माण्यक्या व टोडा का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होने बताया कि जिन गांव में पहले से ही निधाज़्रित थ्रैसहोल्ड उपज से कम उत्पादन रहता है। उस गांव के सभी बीमा किए किसानों को अनुमानित रूप से जितनी उपज कम रहती है बीमा कंपनी द््वारा मुआवजा देने का प्रावधान है। इस अवसर पर डा0 वजीर सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री उपेंन्द्र सहरावत व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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