मेयर अपने पद से इस्तीफ़ा दें और जनता से माफ़ी माँगे आज मंगलवार दिनाँक 19-09-2017 भारतीय जनता पार्टी ज़िला पंचकुला के अध्यक्ष दीपक शर्मा की तरफ़ से पंचकुला नगर निगम की मेयर की विफलता पर बयान जारी किया गया। बयान में कहा की पंचकुला नगर निगम की मेयर अपने लगभग चार वर्षों के कार्यालय में पूरी तरह से फ़ेल साबित हुई हैं। शर्मा ने कहा की पंचकुला मेयर अपने अड़ियल और भेदभाव वाले रवैए के चलते निगम की नियमित बैठकें भी नहीं कराती। अपने लगभग चार वर्षों के कार्यालय के दौरान मेयर ने अभी तक सिर्फ़ 10 या 11 बैठकें कराई हैं जबकि निगम की नियमित बैठक होनी चाहिए। बैठक ना होने की वजह से पार्षद अपने-अपने वार्डों का कोई एजेंडा नहीं रखपाते और ना उस पर कोई विचार विमर्श हो पाता है। जिसकी वजह से वार्डों की डेवलपमेंट और आमजन को जो मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाइए उन पर बहुत बुरा असर पढ़ रहा है।बैठक बुलाने की सीधे तौर पर जिम्मेदारी मेयर की होती है। पंचकुला शहर की सभी सड़कों का बुरा हाल है आए दिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है। मेयर को इस बात से कोई लेना देना नहीं वह तो औरों पर इल्ज़ाम लगाती है। सरकार हर साल करोड़ों रुपया निगम को शहर की डिवेलप्मेंट और रखरखाव को देती रही है। मगर मेयर के अड़ीयल रवैय के चलते ज़्यादातर पैसा वार्डों और शहर की डिवेलप्मेंट पर ना लगकर वापिस चला जाता है। नगर निगम एक इंडिपेंडेंट बॉडी है इसकी सारी जिम्मेवारी मेयर की होती है।मेयर के अड़ीयल और बेरुखे रवैया की वजह से पिछले 4 वर्षों में कोई भी अफ़सर निगम में ज़्यादा देर टिक नहीं पाया है।बीते कुछ महीनों में ही तीन अफ़सर यहां से जा चुके हैं और आज भी निगम में कोई अफ़सर आने को तैयार नहीं है। बीते लगभग 4 वर्षों में पंचकूला की जनता के साथ घोर अन्याय और धोखा हुआ है जिस उम्मीद से जनता ने मेयर का चुनाव किया था उसके बिल्कुल ही विपरीत जनता को फल मिला है। ऐसा प्रतीत होता है मेयर नगरनिगम को अपनी निजी संपती समझ बैठी हैं।उनहे यह लगता है वह कुछ भी कर सकती हैं और जो होगा उनकी मर्ज़ी से होगा। मगर वह भूल बैठी हैं कि जनता भोली होते हुए समझदार भी है, वह सब जानती है कौन क्या कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी ज़िला पंचकुला माँग करती है की मेयर ने जो पंचकुला की जनता और उनकी भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ और धोखा किया उस के लिए वह निगम के मेयर पद से इस्तीफ़ा दे और जनता से माफ़ी माँगे।

मेयर अपने पद से इस्तीफ़ा दें और जनता से माफ़ी माँगे

आज मंगलवार दिनाँक 19-09-2017 भारतीय जनता पार्टी ज़िला पंचकुला के अध्यक्ष दीपक शर्मा की तरफ़ से पंचकुला नगर निगम की मेयर की विफलता पर बयान जारी किया गया। बयान में कहा की पंचकुला नगर निगम की मेयर अपने लगभग चार वर्षों के कार्यालय में पूरी तरह से फ़ेल साबित हुई हैं।
शर्मा ने कहा की पंचकुला मेयर अपने अड़ियल और भेदभाव वाले रवैए के चलते निगम की नियमित बैठकें भी नहीं कराती। अपने लगभग चार वर्षों के कार्यालय के दौरान मेयर ने अभी तक सिर्फ़ 10 या 11 बैठकें कराई हैं जबकि निगम की नियमित बैठक होनी चाहिए। बैठक ना होने की वजह से पार्षद अपने-अपने वार्डों का कोई एजेंडा नहीं रखपाते और ना उस पर कोई विचार विमर्श हो पाता है। जिसकी वजह से वार्डों की डेवलपमेंट और आमजन को जो मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाइए उन पर बहुत बुरा असर पढ़ रहा है।बैठक बुलाने की सीधे तौर पर जिम्मेदारी मेयर की होती है।
पंचकुला शहर की सभी सड़कों का बुरा हाल है आए दिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है। मेयर को इस बात से कोई लेना देना नहीं वह तो औरों पर इल्ज़ाम लगाती है। सरकार हर साल करोड़ों रुपया निगम को शहर की डिवेलप्मेंट और रखरखाव को देती रही है। मगर मेयर के अड़ीयल रवैय के चलते ज़्यादातर पैसा वार्डों और शहर की डिवेलप्मेंट पर ना लगकर वापिस चला जाता है।
नगर निगम एक इंडिपेंडेंट बॉडी है इसकी सारी जिम्मेवारी मेयर की होती है।मेयर के अड़ीयल और बेरुखे रवैया की वजह से पिछले 4 वर्षों में कोई भी अफ़सर निगम में ज़्यादा देर टिक नहीं पाया है।बीते कुछ महीनों में ही तीन अफ़सर यहां से जा चुके हैं और आज भी निगम में कोई अफ़सर आने को तैयार नहीं है।

बीते लगभग 4 वर्षों में पंचकूला की जनता के साथ घोर अन्याय और धोखा हुआ है जिस उम्मीद से जनता ने मेयर का चुनाव किया था उसके बिल्कुल ही विपरीत जनता को फल मिला है। ऐसा प्रतीत होता है मेयर नगरनिगम को अपनी निजी संपती समझ बैठी हैं।उनहे यह लगता है वह कुछ भी कर सकती हैं और जो होगा उनकी मर्ज़ी से होगा। मगर वह भूल बैठी हैं कि जनता भोली होते हुए समझदार भी है, वह सब जानती है कौन क्या कर रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ज़िला पंचकुला माँग करती है की मेयर ने जो पंचकुला की जनता और उनकी भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ और धोखा किया उस के लिए वह निगम के मेयर पद से इस्तीफ़ा दे और जनता से माफ़ी माँगे।

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