स्कूल में काम करने वाले बस ड्राईवर, कंडक्टर व अन्य सहायक कर्मचारियों की पुलिस वैरीफिकेशन व मेडीकल जांच करवाने सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहुलुओं का दृढता से पालन करने के निर्देश दिये

पंचकूला, 13 सितंबर- अतिरिक्त उपायुक्त राजेश जोगपान ने सभी स्कूलों के प्रतिनिधियों को उनकेc स्कूल में काम करने वाले बस ड्राईवर, कंडक्टर व अन्य सहायक कर्मचारियों की पुलिस वैरीफिकेशन व मेडीकल जांच करवाने सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहुलुओं का दृढता से पालन करने के निर्देश दिये, ताकि स्कूल में बच्चों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जिला प्रशासन ने गुरूग्राम के स्कूल में हुई बच्चे की हत्या की वारदात के दृष्टिगत सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी स्कूलों को निर्देश दिये कि वे अपने स्कूल में पढने वाले बच्चों को आत्मविश्वास कम न होने दें और उनके आत्मविश्वास बढाने और उनके डर को खत्म करने के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजन करते रहें ताकि वे स्वयं को स्कूल में सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों की बसों में पुरुष कंडक्टर के स्थान पर महिला कंडक्टर की तैनाती भी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्कूल के प्रतिनिधियों को यह भी परामर्श दिया कि यदि उन्हें महिला कंडक्टर उपलब्ध नहीं होते तो वे इसके लिए ट्रांस्जैंडर की भी इस दिशा में नियुक्ति कर सकते हैं, उन्हें रोजगार मिलने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को भी इस बारे में समय-समय पर जागरुक करते रहें कि स्कूल प्रशासन उनके हित के लिए क्या-क्या ठोस कदम उठा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त स्कूलों के प्रतिनिधियों से कहा कि उनके स्कूलों में लगे हुए सभी सीसीटीवी कैमरों की भी निरंतर चैकिंग करें और स्कूल में एक लाईव कंट्रोल रूम की भ्भी स्थापना करें जिससे स्कूल में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके लिए एक सक्षम व्यक्ति की भी नियुक्ति करें तथा एक मॉनिटरिंग सिस्टम प्रिंसीपल के कमरे में भी लगाएं। उन्होंने यह स्कूलों को यह भी परामर्श दिया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी स्कूल अपना सुरक्षा ऑडिट करनवाना भी सुनिश्चित करें ताकि उन्हें स्वयं अपने स्कूलों की सुरक्षा की दिशा में पाए जाने वाली कमियों की जानकारी मिल सके और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि उनके स्कूल में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी ड्रग्स न लेता हो। बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत उन्हें छुट्टी के लिए मना न करें बल्कि एक दिन पहले ही उनकी छुट्टी लेना सुनिश्चित करें या फिर अभिभावकों को अपना नंबर दें ताकि वे स्कूल प्रशासन को इस दिशा में बता सकें कि उनका बच्चा स्कूल आ रहा है या नहीं। इसके अलावा स्कूलों में मोबाईल फोने के इस्तेमाल पर पूर्णत: पाबंदी लगा दी गई है, जिसकी दृढता से पालना की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा बनाई गई टीमें स्कूलों का निरीक्षण भी करेंगी और यदि सुरक्षा में कोई चूक पाई गई तो संबंधित विभाग की ओर से इस दिशा में कार्यवाही की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों की वैरीफिकेशन के लिए ऑननाईन आवेदन करने की सुविधा के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सतपाल शर्मा ने स्कूलों के प्रतिनिधियों को कैमरों के संबंध में कई महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिना लाईव कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कैमरे खिलौने के समान हैं, इसलिए लाईव कंट्रोल रूम जरूर बनवाएं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एचएस सैनी, पुलिस विभाग के अधिकारियों सहित सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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