चंडीगढ़ की सड़कों पर उतरेंगे 15 हजार मुसलमान, चरमराने का खतरा- राज सिंह

चंडीगढ़, 13 सितंबर 2017। सूत्रों के हवाले से बेहद चौका देने वाली सूचना मिल रही है कि प्रशासन को हिला देने के लिए करीब 15 हजार मुसलमान जल्द ही शहर की सड़कों पर उतरने जा रहे हैं। हजारों मुसलमान स्थानीय प्रशासन और खासकर भाजपा को अपनी ताकत दिखाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। इससे शहर की कानून व्यवस्था भी चरमराने की आशंका है। बताया तो यहाँ तक जाता है कि केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद से जिस प्रकार मुसलमानों के साथ कथित ज्यादती हो रही है, होने वाला यह प्रदर्शन उसी के गुस्से के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सड़कों पर उतरने का बड़ा बहाना बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे जुल्म को बताया गया है। इससे सम्बंधित शहर के मस्जिदों के इमामों व कुछ मौजिज मुस्लिम समाज के लोगों के बीच गत मंगलवार को बैठक में फैसला लिया गया है। यहाँ चौकाने वाली बात यह भी है कि इस बैठक की भनक अब तक न तो सीआईडी, आईबी या मीडिया वालों को भी भनक नहीं लगने दी गई है। ऐसा सूत्रों का दावा है।
मंगलवार को हुई थी बैठक
बेहद करीबी सूत्रों की माने तो मंगलवार को शहर के मस्जिदों के इमामों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें फैसला लिया गया है कि अगले 19 सितंबर 2017 यानी मंगलवार के दिन शहर भर के हजारों मुसलिम समाज के लोगों को सेक्टर 20 के जामा मस्जिद में बुलाया जाए। इस दिन जमा होने वाले हजारों मुसलमान प्रशासन खासकर बीजेपी को अपनी ताकत दिखाने के लिए सुबह करीब नौ बजे सड़कों पर उतरेंगे। सूत्रों का दावा है कि लगभग 15 हजार मुसलमानों को इस प्रदर्शन से जोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। मुस्लिम समाज को इस प्रदर्शन से जोड़ने के लिए ईमेल, मैसेंजर और व्हाट्स ऐप ग्रुप के अलावा डोर-टू-डोर कम्पेन का भी सहारा लिया जा रहा है।
मोदी सरकार के बाद घुटन में समाज
सूत्रों की माने तो केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद से जिस प्रकार मुस्लिम समाज पर कथित कुछ ज्यादतिया से घुटन है। समाज में जबरदस्त असंतोष है। इसलिए इसी गुस्से के इजहार और अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए रोहिंग्या मुलमानों पर हो रहे कथित जुल्म की आड़ में अपनी ताकत का अहसास कराएंगे। हालाँकि सूत्रों का दावा है कि मंगलवार को होने वाला यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। ऐसी किसी भी भाषा का प्रयोग नहीं होगा जिससे कोई तनाव बढे। पर इतना जरूर है कि मुस्लिम समाज अपनी ताकत का अहसास जरूर कराएगा।
मनीमाजरा मस्जिद के इमाम बोले
इस सम्बन्ध में जब इमाम मौलाना इमरान से बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ इमामों और समाज के मौजिज लोगों के साथ सेक्टर-20 मस्जिद में बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया कि रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को सुलझाने के लिए यूएनओ पर दबाव बनाया जाए। इसके लिए हजारों मुसलमान प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम मेमोरेंडम पंजाब के गवर्नर को सौपेंगे। एक सवाल पर इमाम ने कहा कि मुस्लिम समाज किसी को अपनी ताकत अहसास नहीं करा रहा। भारत देश सबसे सुंदर है। यहाँ समाज के सभी वर्ग मिलजुलकर रहते हैं। इसलिए ताकत दिखाने जैसी बात कह कर कोई शरारत कर रहा है। इमरान ने मुस्लिम समाज को आह्वान किया है कि शरारतियों से से सावधान रहे। इमाम ने कहा 19 सितम्बर 2017 को होने वाला प्रदर्शन सिर्फ रोहिंग्या मुसलमानों को एडजस्ट करने और उनपर होने वाले किसी भी अत्याचार को रोकने के लिए यूएनओ पर दबाव बनाना है। उन्होंने माना कि प्रदर्शन अधिक से अधिक लोग जुटेंगे।
बैठक के बाद से वायरल व्हाट्सएप मैसेज ये है
आज सेक्टर -20 में मौलाना अजमल। मुफ्ती अनस काजी अफजाल मौलाना इमरान मनीमाजरा नौशाद भाई इमरान मंसूरी वह तमाम जिम्मेदार लोगों ने मस्जिद में एक मशवरा रखा जिस पर सभी की सहमति से तय किया किया गया की
बर्मा में जो रोहिंग्या मुसलमानों वह जिगर मजलूमों पर जो जुल्म हो रहे हैं उन्हें बेदर्दी से मारा जा रहा है और अपने घर से बेघर किया जा रहा है जलाया जा रहा है उनके साथ जो जाती हो रही है उसके खिलाफ आने वाले मंगलवार 19/9/2017 सुबह 9:00 बजे सेक्टर 20 जामा मस्जिद से एक जुलूस बर्मा के रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में निकाला जाएगा चंडीगढ़ के सभी मुस्लिम भाइयों से दरख्वास्त है कि इस जुलूस में भाग लेकर वह अपनी मौजूदगी जाहिर कर कर अपने बर्मा के मुसलमानों पर हो रहे जुल्मों के खिलाफ आगे आएं

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