हुक्का बार पर कसेगा शिकंजा: ए.डी.सी.

हुक्का बार पर कसेगा शिकंजा: ए.डी.सी.

पंचकूला- 4 जुलाई- जिले में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार पर शिकंजा कसने के निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निकोटिन को अब प्वायजन एक्ट की श्रेणी में शामिल किया है। श्रीमती शर्मा सोमवार को जिला टास्क फोर्स (तंबाकू नियंत्रण) की बैठक ले रही थी। उन्होंने कहा कि निकोटीन अरक के रूप में निकोटीन हुक्का बार अथवा अन्य जगह पर उपलब्ध कराया जा रहा है तो इस पर सरकार की ओर से जारी नियमों के तहत सख्ती से कार्यवाही की जाए।
स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से इस दिशा में कार्रवाई के निर्देश देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस बात को सुनिश्चि करें कि जिले में नियमों के विरूद्ध कोई भी हुक्का बार न चलें। उन्होंने कहा नियमों में यह बात साफ है कि सार्वजनिक स्थान पर किसी भी रूप में धुम्रपान वर्जित हैं। रेस्टोरेंट में हुक्का का प्रयोग होता है तो वह भी इस श्रेणी में आता है चूंकि जिस रेस्त्रा में 30 अथवा अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है वहां सबंधित होटल मालिक को नियमों के अनुसार अलग से स्मोकिंग एरिया उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा हुक्का बार में भी सीधे तौर पर निकोटिन का उपयोग हो रहा है तो सख्ती के साथ सरकार की ओर से लागू किए गए नए अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाए। बैठक में हुक्का बार के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई को लेकर गठित टास्क फोर्स के प्रतिनिधि कालका के एस.डी.एम. आशुतोष राजन, सिविल सर्जन डा. वी.के. बंसल, जिला ड्रग कंट्रोलर सुनील चौधरी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नीरज कुमार व पुलिस विभाग की ओर से विकास मौजूद रहे।
अभिभावक भी समझे जिम्मेदारी:
अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा ने आह्वान किया कि अभिभावक भी इस बात का ध्यान रखें कि कहीं उनके बच्चे जाने-अनजाने नशे की ओर तो आकर्षित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन का पूरा प्रयास है कि अवैध तौर पर किसी भी रूप से नशा न परोसा जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अभिभावक वर्ग भी अपने बच्चों के साथ-साथ समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए इस बात पर जोर दें कि उनके बच्चें गलत दिशा में न जाएं।
सार्वजनिक स्थान पर धुम्रपान करने वालों पर हो जुर्माना:
ए.डी.सी. ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर धमु्रपान करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि इसे सख्ती से लागू किया जा सके इसके लिए नियम तोडऩे पर जुर्माना राशि वसूल करने के लिए बड़े स्तर पर न केवल अधिकारियों बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों को भी शक्तियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया अधिसूचना के मुताबिक राज्य अथवा केंद्र के तमाम राजपत्रित अधिकारियों के साथ-साथ स्कूल अथवा कालेज के प्रिसीपल, पुलिस एवं पंचायती राज संस्थाओं में सरपंच अथवा पंचायत सचिव को उनके अधिकार क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर धमु्रपान न करने का उल्लघंन करने पर कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।

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