हरियाणा गठन के 50वें वर्ष में 2 व 3 जुलाई, 2016 को 25वें आम मेले का आयोजन एक विशेष उत्सव के रूप में.

पंचकूला, 1 जुलाई, 2016 हरियाणा पर्यटन और बागवानी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पिंजौर के यादविन्द्रा गार्डन में हर वर्ष आयोजित किये जाने वाले मैंगो मेले को सूरजकुण्ड क्राफ्ट मेले की तर्ज पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की प्रयास किये जाएंगे। हरियाणा गठन के 50वें वर्ष में 2 व 3 जुलाई, 2016 को 25वें आम मेले का आयोजन एक विशेष उत्सव के रूप में किया जाएगा।
हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक श्री समीर पाल सरो, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्री वी.एस.कुण्डु तथा बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ अर्जुन सैनी आज पंचकूला के रेड बिशप में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को सम्बोंधित करते हुए दी।
श्री सरो ने बताया कि मैंगो मेला एक बहु-प्रतीक्षित वार्षिक समारोह है, जिसमें ‘फलों के राजा आम’ का उत्सव मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग के सूरजकुण्ड क्राफ्ट मेला, पिंजौर हैरिटेज उत्सव तथा मैंगो मेला हर वर्ष आयोजित किये जाने वाले तीन बड़े कार्यक्रम हैं। विभाग मैंगो मेले को भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम जैसे कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत-स्वच्छ हरियाणा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, जीवन ज्योति जैसी योजनाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय आम मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम उत्पादकों को आम का उत्पादन बढ़ाने एवं उसकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए नवीनतम पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे घरेलू एवं अंतर्राष्टï्रीय बाजार का लाभ उठाकर अपने उत्पाद का अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों तथा कृषि विशेषज्ञों व शोधार्थियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया है, ताकि आम उत्पादक किसान उनसे अपने अनुभव सांझे कर सकें और नई-नई तकनीकों और किस्मों के बारे जानकारी ले सकें।
उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ यह मेला इस क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक समारोह बन गया है क्योंकि यहां स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाने वाली रोचक प्रतियोगिताएं, रोमांचक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शिल्प बाजार और एक बहु-व्यंजन फूड कोर्ट सभी आयु वर्गों के लोगों को आकर्षित करते हैं। रंगागरंग सांध्य सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मेले के मुख्य आकर्षण होंगे। महान सिक्ख जनरल बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत के 300 वर्षों की याद में 2 जुलाई को 6.30 बजे से साउंड, साइट और लाईट शो का आयोजन किया जाएगा। प्रख्यात पंजाबी लोक गायक सतिन्द्र सरताज 3 जुलाई को 6.30 बजे से अपनी प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि 2 जुलाई को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला द्वारा प्रायोजित डे प्रफोर्मस तथा सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले आकर्षक कार्यक्रम इस मेले की रौनक को और बढ़ाएंगे। कलाकारों द्वारा भांगडा एवं गिद्धा तथा लोक गायक सुभाष और अंजुमन गोयल द्वारा जीवंत प्रस्तुति दी जाएगी।

आम मेले के पहले दिन, 2 जुलाई को प्रात: 7.00 बजे से आम तथा आम उत्पादों की प्रविष्टिïयां प्राप्त की जाएंगी। इसी दिन, प्रात: 10.00 बजे से विद्यार्थियों के लिए एकल नृत्य,फेस पेंटिंग, रंगोली जैसी प्रतियोगिताएं और सभी के लिए आम खाने की प्रतियोगिता शुरू होगी।
मेले के दूसरे दिन, 3 जुलाई को प्रात: 9.30 बजे आम खेती प्रौद्योगिकी पर एक सेमिनार आयोजित की जाएगी तथा प्रात:10 बजे से विद्यार्थियों के लिए समूह नृत्य और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं शुरू होंगी और इसके बाद 3 से 5 वर्ष के आयु समूह के बच्चों के लिए फेंसी ड्रेस तथा सभी के लिए आम खाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
माहौल को और अधिक आकर्षक बनाने पर विशेष बल दिया गया है और गार्डन की सजावट की गई है। महलों, परकोटों और बुर्जों पर लगाई गई एलईडी लाइटों से गार्डन आभूषण की तरह चमकता है। यह ‘गो ग्रीन’ पहल के अन्तर्गत ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया कदम है।
हरियाणा पर्यटन ने अपना निगमित सामाजिक दायित्व निभाते हुए आम मेले में 2 जुलाई को विशेष रूप से सक्षम विद्यार्थियों तथा 3 जुलाई को पंचकूला तथा चण्डीगढ़ की पंजीकृत वरिष्ठï नागरिक संस्थाओं से वरिष्ठï नागरिकों को आमंत्रित करने की योजना भी बनाई है। मेले में उनका प्रवेश निशुल्क होगा तथा उन्हें आदरस्वरूप दोपहर का भोजन भी दिया जाएगा। हरियाणा परिवहन की विशेष बसें मेले में आने वाले आगुन्तकों के लिए पंचकूला, चंडीगढ़ और रेलवे स्टेशन से उपलब्ध रहेंगी।
बहु-व्यंजन फूड कोर्ट मेले की एक अन्य मुख्य विशेषता होगा, जहां आगंतुकों को भारतीय स्ट्रीट फूड के साथ पंजाब का जायका, दक्षिण भारत के खुशबुदार व्यंजन और चायनीज ओरियंटल जायकों से युक्त विभिन्न प्रकार के लजीज व्यंजन परोसे जाएंगे।
इसके अलावा शिल्प बाजार भी मेले में आने वालों के लिए एक अन्य आकर्षण होगा। इस शिल्प बाजार में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर व राजस्थान आदि से आए शिल्पकारों तथा बुनकरों द्वारा तैयार की गई हथकरघा एवं हस्तलिपि वस्तुओं का प्रदर्शन एवं बिक्री की जाएगी।
यह आम मेला वास्तव में आम उत्पादकों को आमों तथा आमों से बने उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री का एक बेहतरीन मंच उपलब्ध करवाता है। मेले में दसहरी, चौसा, लंगड़ा, आम्रपाली, बॉम्बे ग्रीन(मालदा), रतौल, मलिका और रामकला(आचार के आम) जैसी आम की विभिन्न वाणिज्यिक किस्में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करेंगी। इस वर्ष आम मेले में आम उत्पादकों से आमों की विभिन्न किस्मों की 3,000 से अधिक प्रविष्टिïयां प्राप्त होने की संभावना है। बागवानी विभाग के महानिदेशक डा० अर्जुन सैनी ने बताया कि हरियाणा के यमुनानगर, पंचकूला, अम्बाला, कुरूक्षेत्र जिलों में आम की पैदावार अधिक होती है। उन्होंने बताया कि लाडवा, कुरुक्षेत्र में इजराइल के सहयोग से स्थापित किए जा रहे फलों के सब-ट्रोपिकल केन्द्र का एक विस्तार केंद्र पिंजौर में भी खोला जाएगा।
इस आम मेले में हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड से बड़ी संख्या में आम उत्पादक भाग लेंगे और आमों की विभिन्न किस्में एवं आम उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

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