पिंजौर फोरैस्ट कॉम्लेक्स के सभागर में एक दिवसीय फाइनेंशियल साक्षरता शिविर आयोजित.

पंचकूला, 22 जून- भारतीय रिजर्व बैंक वित्तीय समावेशन और विकास विभाग चंडीगढ़ की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों में वित्तीय जागरुकता लाने के उद्देश्य से पिंजौर फोरैस्ट कॉम्लेक्स के सभागर में एक दिवसीय फाइनेंशियल साक्षरता शिविर आयोजित किया, जिसमें नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पीसी चौधरी, पीएनबी के मंडल प्रमुख एसके दुआ, एलडीएम, डीडीएम व अन्य वाणिज्यिक बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया।
भारतीय रिजर्व बैंक चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक निर्मल चंद ने शिविर में उपस्थित जन सुमदाय को संंबोधित करते हुए उन्हेंं बैंकिंग के फायदों और उनसे मिलने वाली वित्तीय सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक, भारत सरकार व बैंकों के साथ मिलकर इस बात के लिए लगातार प्रयास कर रहा है कि देश के पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों को भी बैंकिंग सुविधाएं मुहिया करवाई जाएं ताकि उनका विकास हो सके। जहां बैंक शाखाएं नहीं है वहां बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी) के माध्यम से बैंकिंग सुविधाए उपलब्ध करवाई जाएं, जिसमें गांववासियों को पैसा निकालने व जमा करवाने के लिए स्वयं बैंक जाने की जरुरत नहीं रहेगी और पेंशनधारी अपनी पेंशन की रकम घर बैठे प्राप्त कर सकेगे।
उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह करते हुए कहा कि बैंकों से जुड़े, जिससे वे सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं का लाभ उठा सके। अपनी मेहनत की कमाई का सुरक्षित रख सके , अपनी खेती बाड़ी व कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए ऋण ले सके। अपने रिश्तेदारों व मित्रों को आसानी से व कम लागत पर पैसे भेज सके। उन्होंने कहा कि लोगों को आजकल कई प्रकार की धोखाधड़़ी जैसे ई-मेल, मैसेज, पत्र आदि के माध्यम से लॉटरी के फर्जी प्रस्ताव, नकली नोटों के प्रचलन, एटीएम कार्डों के गलत प्रयोग के प्रति सचेत भी किया। साक्षरता शिविर में उपस्थित लोगों के प्रश्रों के जवाब भी दिए।
इस मौके पर स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा बनाए गए उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले ग्रामीणों को वित्तीय जानकारी देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय भाषा में छपी प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।

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