जिला प्रशासन लगातार कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच संंबंधी मामलों पर कड़ी निगरानी .

पंचकूला, 2 जून- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला प्रशासन लगातार कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच संंबंधी मामलों पर कड़ी निगरानी रख रहा है। वीरवार को गुप्त सूचना के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सक्रियता से सेक्टर-15 स्थित मकान नंबर 7 में प्राइवेट अस्पताल में डा. अरुणा को अवैध रूप से एमटीपी किट बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल के निर्देशानुसार सिविल सर्जन डा. वीके बंसल ने उप सिविल सर्जन डा. सरोज अग्रवाल व महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर, महिला इंस्पेक्टर नेहा चौहान की टीम गठित की। टीम के सदस्यों ने इस मकान पर एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा गया, जिसने डा. अरुणा से एमटीपी किट की मांग की तथा 800 रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद टीम के सदस्यों ने तत्परता से महिला डॉक्टर को किट बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा तथा महिला डॉक्टर से किट व 800 रुपए बरामद किए। डा. सरोज अग्रवाल ने जब महिला डाक्टर से उनकी डिग्र्री देखनी चाही तो उन्होंने स्वयं को बीएएमएस डाक्टर बताया, लेकिन डिग्री नहीं दिखाई। इस पर टीम के सदस्यों ने महिला डाक्टर को पुलिस के सुपुर्द कर दिया तथा सेक्टर-14 थाना की पुलिस ने उनके खिलाफ एमटीपी एक्ट की धारा 4 व 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि उन्हेें गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-15 स्थित मकान नंबर 7 में प्राइवेट अस्पताल में डा. अरुणा अवैध रूप से एमटीपी किट बेचती हैं, जिसके बाद मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया और उनके निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा गया और उसे रंगे हाथों अवैध रूप से किट बेचते हुए पकड़ा।

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