मलेरिया, चिकनगुनिया व डेगूं जैसी बीमारियों से सिर्फ जागरुकता से बचा जा सकता है-डा. गरिमा मित्तल. .

पंचकूला, 19 मई- उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने कहा कि मलेरिया, चिकनगुनिया व डेगूं जैसी बीमारियों से सिर्फ जागरुकता से बचा जा सकता है। लोगों को खुद जागरूक होकर सबसे पहले घरों में पनपने वाले मच्छरों को रोकना होगा, जिसके लिए उन्हें घर व आसपास क्षेत्र में कहीं पर भी सात दिन से अधिक पानी जमा नहीं रहने देना है।
उपायुक्त वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में मलेरिया टास्क फोर्स की मीटिंग की अध्यक्षता कर रही थी। उपायुक्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला स्लम एरिया को चिन्हित कर लें तथा उस क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करें। घरों में उनके कूलर, टायर व कबाड़ सामान को देखें तथा उन्हें इनमें पानी न जमा न होने देने बारे जागरूक करें। उपायुक्त ने कहा कि मलेरिया, चिकनगुनिया व डेगूं खतरनाक बीमारियां हैं, लेकिन इनसे बचना हमारे हाथ में है। घरों में टंकी आदि में पानी अधिक समय तक न रखें, बल्कि तीसरे या चौथे दिन ताजा पानी भरें तथा पुराने पानी को प्रयोग में ले लें। उन्होंने कहा कि जमा पानी में मच्छर का लारवा सात दिनों में मच्छर बन जाता है। इसके अलावा उन्होंने गांव में जमा पानी में गंबुजिया मछली छोडऩे बारे कहा, क्योंकि यह मछली पानी में सौ प्रतिशत लारवा को खा जाती है, जिस कारण पानी में मच्छर नहीं पनप सकते। इसके अलावा पानी में मिट्टी का तेल भी डाला जा सकता है, जिसकी परत बनने पर लारवा पानी में ही नष्ट हो जाएगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि अभी कुछ दिनों में बारिश को मौसम हो जाएगा तो ऐसे मेें मलेरिया की टीमें अभी से सतर्क हो जाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मांग पर उन्होंने कहा कि पंचकूला बस अड्डे के पास वर्कशाप मेें रखे टायरों में भी पानी जमा न होने देने बारे रोडवेज विभाग के महाप्रबंधक को निर्देश दिए जाएंगे।

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