पूरे देश में बेटियों के आगे बढने का वातावरण बनाने की जरूरत -प्रो0 सोलंकी .

चंडीगढ, 7 मई- पूरे देश में बेटियों के आगे बढने का वातावरण बनाने की जरूरत है। ऐसा होने पर ही हम सही मायने में 21वीं सदी का विकसित समाज बनाने में सफल होंगे। यह बात हरियाणा व पंजाब के राज्यपाल व चण्डीगढ के प्रशासक प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज स्थानीय टैगोर थियेटर में वत्सल छाया संस्था के किशोरी शक्ति अभियान के शुभारम्भ अवसर पर बोलते हुए कही।
प्रो0 सोलंकी ने कहा कि कोई नगर, राज्य अथवा राष्ट्र तब अच्छा होता है जब उसमें रहने वाले लोग अच्छे हों। केवल सड़कों, भवनों आदि की सुन्दरता अधूरी होती है। उन्होंने चण्डीगढ के नागरिकों का आह्नान किया कि वे वत्सल छाया की तरह नगर में बेटियों के प्रति भेदभाव को पूरी तरह मिटाने का काम करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का भेदभाव भगवान और प्रकृति के विरूद्ध है क्योंकि वे किसी से भेदभाव नहीं करते। इस भेदभाव को कानून से खत्म नहीं किया जा सकता बल्कि नागरिकों को इसे स्वयं मिटाना होगा। इसलिए समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने के लिए सब नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
राज्यपाल ने कहा कि देश में बेटा-बेटी के भेदभाव को मिटाने के लिए ही प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की शुरूआत हरियाणा के पानीपत से की थी। इस अभियान के काफी सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। हरियाणा में जहां 16 जिलों में लिंगानुपात में बड़ा अन्तर था वहां भी तेजी से सुधार आया है। उन्होंने कहा कि आज बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के संदेश पर सरकार के साथ-साथ विभिन्न संस्थाएं जो काम कर रही हैं, उससे यह संदेश पूरे देश में गूंज रहा है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि वत्सल छाया जैसी संस्थाओं के माध्यम से हम देश की बेटियों के अस्तित्व और भविष्य को सुरक्षित रखने में सफल रहेंगे।
इस अवसर पर वत्सल छाया संस्था की ओर से बेटियों ने बेटी बचाओ संदेश देते हुए भावभीनी प्रस्तुतियां दीं। वत्सल छाया की चेयरपर्सन श्रीमती संगीता वर्धन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्था के कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोरी शक्ति अभियान के तहत एक साल में 1500 लड़कियों का सशक्तिकरण किया जाएगा।
इस अवसर पर हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग विजय वर्धन, समाज कल्याण विभाग, चण्डीगढ की निदेशक निशु सिंहल आदि उपस्थित थे।

Share