बेसहरा को जो सहारा दे वो महान है – राज निर्भीक

पंचकूला 23/4/16-आज मदलाल जी इनवैसटिगेटर, जिला पंचकूला के साथ पंजाब में जिला रोपड मोहाली “परभासरा” एन जी ओ को देखने गये । चार एकड़ के इस तिमंज़िले भवय आश्रम में तीन एंमबूलैंस ४० व्हीलचेयरस २५० बैंड्स व ४०-५० टॉयलेट्स व बाथरूम हैं ।
२००४ मे प्रारम्भ हुयी संस्था के चेयरमैन स० समशेर सिहं (४२) व राजेन्द्र कौर इनकी पत्नी ने दो किराये के कमरे लेकर यह संस्था शुरू करी वह आज इतनी बुलंदियों को छू गयी इसके पीछे महज़ इनका समर्पण ही है जो आज तक १३१९ के क़रीब असहाय रोगी विकलांग व परितयागता पति पत्नी माँ बाप सम्मान के साथ यहाँ परिवार की तरह रह रहे हैं ।
कई कई बार तो बुरी तरह से विक्षिप्त रोगी यहाँ पुलिस लावारिस हालात में मिले, यहाँ छोड जाती है । संस्था के प्रबन्धक क़ौल साहब ने बताया कि उन्हें प्राथमिकता पर कम से कम चार डाक्टरों की तथा पैंसठ के. वी. के जैनरेटर की ज़रूरत है । यहाँ पर रहने वाले हर शकस को दो समय चाय तीन टाईम भोजन मिलता है । संस्था के पास कई टी वी व इन डोर गेम्स की भी व्यवस्था है ।
एक सेक्शन ऐसा भी मिला जहाँ बलात्कार के बाद या समाज से प्रताड़ित महिलाऐं बच्चों सहित देखने को मिली । यहाँ आटा गूँदने की मंशीन वाशिंग मशीन व लंगर मशीन भी हैं । आशरम की हर कमरों की पाँच फ़ुट तक दीवारों पर टाइलस लगी हैं ।
वर्तमान मे यहाँ २७०-२८० के करीब महिला पुरूष रह रहे हैं । लगभग ७०-८० यहाँ सेवादार रह रहे हैं जिन्हें पाँच लाख रू० वेतन दिया जाता है । सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सरकार से आज तक कोई अनुदान राशी नहीं मिली । स० समशेर सिहं के चेहरे पर रौनक़ देखकर ऐसा लगा कि भगवान से सीधे तार जुड़ गये लगते हैं । इनकी पत्नी राजेन्द्र कौर व स० जी इनकी सेवा को वारे गुरू का आदेश मानकर बडी ख़ुशी ख़ुशी कर रहे हैं । माँ शीतला एेसे लोगों पर सदैव अपना आशीरवाद का हाथ रखना ।
मेरी शुभकामनायें हैं ऐसे लोगों के साथ जो समाज की सेवा मे लगे है

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