सोच में परिवर्तन से ही खुले में शौच बंद हो सकती है- बराड़

पंचकूला, 12 मार्च : उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि सोच में परिवर्तन से ही खुले में शौच बंद हो सकती है। ग्रामीणो को खुले में शौच जैसी मानसिक प्रवृति को त्यागना होगा, तभी गांवों को साफ व स्वच्छ बनाया जा सकता है। खुले में शौच बंद करवाने के लिए सभी ग्रामीणों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उपायुक्त मनदीप सिंह शनिवार को सुबह 6 बजे रायपुररानी खंड के गांव हंगौला के मंदिर परिसर में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे, जिसमें बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं भी उपस्थित थी। उपायुक्त ने कहा कि सभी घरों में जल्द से जल्द शौचालय बनवा लिए जाएं तथा उनका उपयोग भी निरंतर होना चाहिए। जब तक सभी घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं होता तो ग्रामीण एक-दूसरे के मित्र के घर बने शौचालय या फिर स्कूल व आंगनवांड़ी के शौचालयों को प्रयोग कर सकते हैं। अगर फिर भी कोई ग्रामीण खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर है तो वे शौच को मिट्टी से दबा दें, ताकि शौच से फैलने वाली बीमारियां को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीणों के घरों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन चिंतन का विषय है कि सिर्फ शौचालय की कमी है। ग्रामीणों को अब खुले में शौच की धारणा को त्यागना होगा तथा 31 मार्च तक गांव को खुले से शौच मुक्त बनाना होगा। इस पर सभी ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष 31 मार्च तक गांव हंगौला को खुले में शौच से मुक्त करने का प्रण लिया।
उपायुक्त ने कहा कि लोगों की सुख-समृद्धि व खुशहाली उसके स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। खुले में शौच से अनेक बीमारियां फैलती हैं तथा बीमार व्यक्ति के लिए कोई भी सुख-सुविधा बेमानी है। खुले में शौच से बच्चों में कुपोषण का अंदेशा बना रहता है। अगर ग्रामीण खुले में शौच बंद कर देंगे तो करीबन 70 प्रतिशत बीमारियां स्वत: दूर हो जाएंगी। उपायुक्त ने ग्रामीणों से कहा कि शौचालय बनवाने के लिए कोई गरीब न बने। गरीबी धन से नहीं, मन के मानने से होती है। यदि कोई व्यक्ति मन में ठान ले कि मैंने अपने घर में शौचालय का निर्माण करवाना है तो उसके सामने कोई अड़चन नहीं आ सकती। घर में शौचालय बनने से बहन-बेटी की इज्जत पर भी आंच आने का खतरा नहीं रहेगा तथा गांव में बीमारियां भी नहीं फैलेंगी। महिलाएं इस कार्य में आगे आएं तथा अपने स्वाभिमान के लिए घर में शौचालय बनवाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा ने बताया कि खुले में शौच बंद करवाने के लिए सभी गांवों में निगरानी समितियां बनाई गई हैं, जिसमें गांव के महिला एवं पुरुष सदस्य हैं। इसके साथ-साथ गांव में मोटिवेटर्स भी नियुक्त किए गए हैं, जो गामीणों को खुले मे शौच न जाने व घर में शौचालय के निर्माण के लिए तकनीकी जानकारी भी दे रहे हैं। उन्होंंने कहा कि गांव हंगौला के लोगों ने जो 31 मार्च का समय खुले में शौच मुक्त होने के लिए दिया है, उसे वे पूरी तत्परता से पूरा करें। इस अवसर पर गांव के सरपंच नरेंद्र, नंबर सुरेशपाल सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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