सरस्वती नदी के पवित्र जल की धारा का प्रवाह जल्द ही धरातल पर

पंचकूला, 11 फरवरी- हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि सरस्वती नदी के पवित्र जल की धारा का प्रवाह जल्द ही धरातल पर हो। सरस्वती नदी पर वैज्ञानिकों ने अनेक शोध किए हैं, जिसके आधार पर यह संभव है कि जमीन के अंदर नदी के प्रवाह को जमीन की ऊपरी स्तह पर लाया जा सकता है।
शिक्षामंत्री वीरवार को सेक्टर-14 स्थित राजकीय महाविद्यालय में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से सरस्वती महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘सरस्वती की कहानी, विज्ञान की जुबानी’ विषय पर आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद और यजुर्वेद सहित प्राचीन समय के सभी ग्रंथों में सरस्वती नदी के प्रवाह का वर्णन है तथा इसके प्रमाण भी हमें मिल चुके हैं। वर्षों पहले सरस्वती नदी जीवनदायिनी तथा खुशहाली एवं समृद्धि की प्रतीक थी। सरस्वती नदी हिमालय के ग्लेशियरों से होने के बाद आदी बद्री से लेकर गुजरात के कच्छ से होती हुई अरब सागर में प्रवेश करती थी। प्राचीन समय से ही भारतीय संस्कृति में इस नदी के प्रति गहरी आस्था व श्रद्धा रही है। इस नदी के प्रवाह स्थल काफी हरे-भरे होते थे। उन्होंने कहा कि इस नदी की पवित्रता के कारण ही सरकार प्रदेशभर में तीन दिवसीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन कर रही है। यह आयोजन सरस्वती के प्रवाह स्थल में आने वाले जिले यमुनानगर, कैथल व कुरुक्षेत्र में किए जा रहे हैं। यमुनानगर में इस महोत्सव का शुभारंभ बीते दिन किया जा चुका है तथा इस समापन कल 12 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होगा। उन्होंने कहा कि यमुनानगर के मुस्तफाबाद का नाम सरस्वती नगर रखा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हरियाणा के प्रभारी थे, तब उन्होंने सरस्वती नदी के पुन: प्रवाह की बात कही थी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने भी प्रदेश के लोगों की आस्था का ध्यान रखते हुए इस नदी के प्रवाह के लिए वैज्ञानिकों को उपाय खोजने की जिम्मेवारी सौंपी तथा इसके लिए प्रदेश मेें अलग से हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड का गठन किया। इस बोर्ड की ओर से लगातार नदी के पुन: प्रवाह के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सेमिनार में उपस्थित छात्र-छात्राओं को परामर्श देते हुए कहा कि वे इंटरनेट पर अपने इतिहास और परंपराओं के बारे में भी जानकारी लें। उन्होंने सेमिनार में वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत शोधों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी जानकारियां प्रमाणों पर आधारित हैं तथा कई स्थानों का उन्होंने स्वयं दौरा भी किया है। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का शुभारंभ किया।
विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सरस्वती नदीे के उत्थान के लिए जो कार्य किया है, वह काफी सराहनीय है। बोर्ड का गठन कर सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है।
सेमिनार में पूर्व कुलपति एवं प्रख्यात भू-विज्ञानी पद्म भूषणप्रो. खडग़ सिंह वल्दिया ने कहा कि पाषाण काल व हड़प्पा काल के दौरान इस नदी के जमीन पर प्रवाह के प्रमाण मिलते हैं। इस नदी की पवित्रता का उल्लेख भी हमारे पुराणों में मौजूद है। उन्होंने कंप्यूटर पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नदी के इतिहास, प्रवाह व इस पर हुए शोधों के बारे में जानकारी दी। सेमिनार में हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज ने बताया कि सरस्वती नदी के विकास के लिए बोर्ड लगातार प्रयासरत है तथा वैज्ञानिकों के मतानुसार इसका जमीन पर प्रवाह करने का प्रयास जारी है। सरस्वती शोध प्रकल्प चेन्नई के निदेशक डा. एस कल्याण रमन, सरस्वती शोध प्रकल्प चेन्नई से डा. एस राममोहन, व ओएनजीसी के पूर्व निदेशक एमआर राव ने भी सरस्वती नदी पर अब तक किए अपने शोध के बारे में जानकारी दी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भू-विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. एआर चौधरी ने बताया कि हरियाणा में इस नदी के प्रवाह पर जो भी शोध हुए, उनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को विशेष सहयोग रहा। कैथल, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र में कई स्थानों पर आज भी नदी के प्रवाह के बारे में प्रमाण मिलते हैं। गांव भौर सैदां व कैथल में कपिल मुनि कुंडों पर मिले प्रमाणों से भी सरस्वती नदी की प्रमाणीकता को बल मितला है।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजयेंद्र सिंह ने मुख्यातिथि का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने लोगों की आस्था के अनुरुप व वैज्ञानिकों के शोधों से मिले प्रमाणों के आधार पर सरस्वती नदी के विकास व इससे जुड़े शोध व धरोहर के उत्थान के लिए बोर्ड का गठन किया है। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि इस पवित्र नदी के जल का प्रवाह जल्द ही धरा पर हो। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के बारे में बच्चों को जागरूक करने के लिए बोर्ड की ओर से लोगो व स्लोगन प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी, जिसमें नकद इनाम दिए जाएंगे। इस अवसर पर उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़, अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, एसडीएम राधिका सिंह, नगराधीश ममता शर्मा, भाजपा के जिला प्रधान दीपक शर्मा, विरेंद्र गर्ग, हरेंद्र मलिक, प्रिंसिपल वंदना गुप्ता सहित शहर के गणमान्य व्यक्ति व कालेज के विद्यार्थी उपस्थित थे।

Share