विलेज इंटेग्रेटिड मानीटरिंग सिस्टम यानी विम्स साफ्टवेयर (गांव एकीकृत निगरानी प्रणाली) का शुभारंभ

पंचकूला, 11 फरवरी- उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में विलेज इंटेग्रेटिड मानीटरिंग सिस्टम यानी विम्स साफ्टवेयर (गांव एकीकृत निगरानी प्रणाली) का शुभारंभ किया। विम्स साफ्टवेयर पर गांवों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, उनकी निगरानी व उन पर हुए खर्च संबंधी पूरा विवरण चेक किया जा सकता है। इससे गांवों में चल रहे विकास कार्यों में पादर्शिता आएगी तथा कामों का आंकलन भी सही ढंग से करना संभव होगा।
उपायुक्त ने विम्स साफ्टवेयर का शुभारंभ करने के बाद बताया कि विलेज इंटेग्रेटिड मानीटरिंग सिस्टम से जिला के खंड विकास एवं पंचायत कार्यालयों में काम का बोझ कम होगा तथा हर गांव के विकास कार्य पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। उपायुक्त ने बताया कि इस प्रणाली को बहुत ही विस्तारित ढंग से तैयार किया है, जिसमें विकास कार्यों की संख्या, पैसे की उपलब्धता का विवरण गांव वाइज, खंड वाइज, विधानसभा क्षेत्र वाइज, एक्जिक्यूटिव एजेंसी वाइज व स्कीम वाइज होगा। इसके साथ ही इस सिस्टम के संबंधित मोबाइल एप भी तैयार की गई है, जिसमें विकास कार्यों से संबंधित पूरा विवरण होगा।
उपायुक्त ने बताया कि इस साफ्टवेयर पर हर काम को वर्क कोड दिया गया है। इस वर्क कोड से काम के शुरू होने से खत्म होने तक का पूरा विवरण तथा कौनसा काम किस गांव या क्षेत्र में हो रहा है, के बारे में जानकारी ली जा सकती है। इस साफ्टवेयर पर सभी कामों से संबंधित फोटोग्राफ, काम की अपू्रवल, काम की अवधि सहित सभी दस्तावेज भी स्कैन करके अपलोड किए जाएंगे। इससे एक तो सभी दस्तावेज का सुरक्षित रिकार्ड तैयार होगा, दूसरा सभी कामों से संबंधित यूसी भी तुरंत जेनरेट किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग का बैंकों के साथ एग्रीमेंट है, इसलिए जब भी किसी कार्य के लिए बैंक से पैसा निकाला जाएगा, उस कार्य का पूरा विवरण साफ्टवेयर पर दर्ज हो जाएगा। विम्स साफ्टवेयर से पंचायतों को भी आसानी रहेगी कि वे किसी काम की तय राशि से अधिक खर्च नहीं कर पाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि विम्स साफ्टवेयर को पहले कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला जिलों में भी शुरू किया गया है, लेकिन पंचकूला जिला में तैयार विम्स साफ्टवेयर को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाया गया है, जिसका प्रयोग भी आसान है। इस साफ्टवेयर को एनआईसी व पंचायत विभाग के अधिकारियों की मदद से तैयार किया गया है, जिस पर कोई भी खर्च नहीं आया है। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एमएल गर्ग, कार्यकारी अभियंता अशोक श्योकंद व जिला सूचना प्रोद्योगिकी अधिकारी सतपाल शर्मा व सहायक सूचना प्रोद्योगिकी अधिकारी आस्था भी उपस्थित थी।

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