बिजली की कीमतें बढ़ाने के पीछे भाजपा की मंशा बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका: अशोबिजली की कीमतें बढ़ाने के पीछे भाजपा की मंशा बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका अशोक अरोड़ा

बिजली की कीमतें बढ़ाने के पीछे भाजपा की मंशा बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका: अशोक अरोड़ा
इसराना हलका के कार्यकत्र्ताओं ने शक्ति भवन के सामने दिया धरना
पंचकूला, 8 फरवरी ()। बिजली की कीमतों में वृद्धि को लेकर 77 दिन से जारी इंडियन नैशनल लोकदल का अनिश्िचितकालीन धरने में सोमवार को इसराना विधानसभा के कार्यकत्र्ताओं ने पूर्व विधायक रमेश खटक के नेतृत्व में शक्ति भवन के सामने धरना दिया और बिजली की तीन गुणा कीमते बढ़ाने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार से कीमतें वापिस लेने की मांग उठाई। इस मौके पर इनैलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा भी धरने में पहुंचे और धरने में पूर्व विधायक रमेश खटक, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, कुलभुषण गोयल,प्रदेश प्रवक्ता अशोक शेरवाल, धर्मवीर सिहाग, हलका प्रधान गुरचरण सिंह, हेमराज जागलान, प्रेम, मास्टर बलबीर, सुरेश, सुरेन्द्र धौलां, जसबीर सिंह, सुरेन्द्र कूंड, नीरज भल्ला इत्यादि मौजूद थे।
धरने के दौरान इसराना के कार्यकत्र्ताओं ने जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिजली के बिल बढ़ाना बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने के सम्मान बताया। इनैलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार ने जिस प्रकार से तीन गुणा बिजली बिलों को बढ़ाया है, उससे बिजली उपभोक्ताओं पर एक तरह से महंगाई बम फूटा है, क्योंकि कई बिजली धारकों के पास लाखों के बिल आ रहे है और लोगों के पास से विभाग दबाव में बिल तक भरवाने से पीछे नही हट रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से 10 रू. प्रति यूनिट के पीछे भाजपा की मंशा साफ नजर आ रही है कि भाजपा सरकार अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रही है और बिजली बिलों की वृद्धि से सीधे अडानी को फायदा पहुंचेगा और यह फायदा इसलिए पहुंचाया जा रहा है, क्योंकि अडानी ने चुनावों में आर्थिक रूप से भाजपा की बहुत मदद की थी। अरोड़ा ने कहा कि आज प्रदेश में चारों और जनता हताश और परेशान है, सरकार की एक भी नीति जनता के फायदे के लिए नही बनाई गई है।
धरने के दौरान पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने भी संबोधित करते हुए कि जनता के सामने झुठ और फरेब की राजनीति करके भाजपा एक बार तो सत्ता कि सिंहासन पर बैठ गई है, लेकिन अगले चुनावों में उसकी बड़ी हार होगी, क्योंकि जनता को उसने चुनाव जीतने के बाद ठगने का काम किया है और जनता भाजपा को इसका जवाब देने के लिए अभी से तैयार बैठी है, वैसे भाजपा बेशक पंचायती चुनावों में अपनी जीत का सत्ता के दबाव में दावा करती रहे, लेकिन असल स्थिति यह है कि कांग्रेस और भाजपा की बड़ी हार हुई है और इंडियन नैशनल लोकदल की जीत हुई है।

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