दिल्ली : सरकारी अस्पतालों की हकीकत

दिल्ली :Feb-6(rakesh Thakur)
दिल्ली सरकार के दावों के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में हर मर्ज की दवा फ्री मिलेगी और मरीजों की जांच भी मुफ्त में ही होगी. लेकिन दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इस योजना को लागू कराना शुरुआती दिनों में मुश्किल नजर आ रहा है. कहीं दवाइयों के लिए लंबी कतारें, तो कहीं स्टाफ की कमी से अस्पताल जुझ रहे हैं.
मुफ्त दवा के इंतजार में दवाखाने के काउंटर पर लंबी कतारें लगी हैं. लेकिन जिस विंडो से फॉर्मेसिस्ट दवा देकर मरीजों का दर्द कम करता है उसके दरवाजे ही बंद है. जहां विंडो खुली हैं, वहां भी मरीजों की लंबी कतारें सरकारी अस्पतालों की बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं.
सिर्फ दवाओं के लिए नहीं बल्कि ब्लड टेस्ट जैसे एक साधारण सी जांच के लिए भी मरीजों को घंटो इंतजार करना पड़ता है. दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की खस्ता हालत को सुधारने की कोशिश करते हुए दिल्ली सरकार ने ऐलान किया कि एक फरवरी से सरकारी अस्पतालों में सभी दवाएं मुफ्त मिलेंगी. लेकिन सरकार के दावों के उलट सरकारी अस्पताल पूरी तरह इस योजना के लिए तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं. सरकार की अनिवार्य दवा सूची में करीब 700 दवाएं शामिल हैं. जो सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को मुफ्त दी जानी हैं. लेकिन पुरानी दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल की सूची बता रही है कि कई दवाएं अभी भी अस्पताल के दवाखाने में मौजूद नहीं हैं.

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