माइक्रोसॉफ्ट समुद्र के अंदर बनाएगा डेटा सेंटर्स

Feb-2 (Rakesh Thakur)
गूगल और फेसबुक जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियां ढंडे देशों में अपने डेटा सेंटर बनाती हैं ताकि सर्वर्स ढंडे रहें. दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने सर्वर्स को ढंडा रखने के लिए डेटा सेंटर को समुद्र के अंदर रखने की तैयारी में है. कंपनी ने इसके लिए एक प्रोटोटाइप तैयार करके इसकी टेस्टिंग भी की है.माइक्रोसॉफ्ट ने प्रोजेक्ट नैटिक के तहत डेटा सेंटर्स को समूद्र के अंदर रखा जाएगा. इससे कंपनी के पैसे भी बचेंगे साथ ही यह पर्यावरण को भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाएगा. गौरतलब है कि डेटा सेंटर्स में रखे लाखों सर्वर्स को ढंडा रखने के लिए एयर कंडिशनिंग पर काफी खर्च करने होते हैं. इसके अलावा ऐसी जगह पर डेटा सेंटर्स बनाने होते हैं जहां का तापमान जीरो डिग्री से भी कम हो.पानी के अंदर डेटा सेंटर्स रखने का मतलब सर्वर्स को ठंडा रखने के लिए ज्यादा खर्च करने की जरुरत नहीं होगी. माइक्रोसॉफ्ट का यह भी मानना है कि डेटा सेंटर्स के लिए कैप्सूल सिर्फ 90 दिनों में तैयार हो जाएंगे जबकि जमीन पर एक डेटा सेंटर बनाने में 2 साल लगते हैं.इस प्रोजेक्ट में शामिल इंजीनियर्स का यहां तक मानना है कि एक दिन समूद्र के अंदर रखे डेटा सेंटर्स अंडरवॉटर टर्बाइन या टाइडर पॉवर की मदद से खुद बिजली बना सकते हैं.

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