खुंभ उत्पादन व्यवसाय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

पंचकूला, 2 फरवरी- कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से केंद्र परिसर में अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवा व युवतियों के लिए खुंभ उत्पादन व्यवसाय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न गांवों के 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डा. बलवान सिंह मंडल ने कहा कि इस प्रशिक्षण को कराने का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार, भूमिहीन छोटे किसानों को खुंभ उत्पादन की तकनीक का प्रशिक्षण देकर न केवल स्वयं के लिए बल्कि अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी रोजगार के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि खुंभ उत्पादन जिला के किसानों के लिए एक वरदान सिद्ध हो सकता है क्योंकि इस जिले की जलवायु खुंभ उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यहां के अधिकतर किसानों के पास कृषि योग्य भूमि कम है, ऐसी स्थिति में खुंभ उत्पादन एक अच्छा व्यवसाय है।
प्रशिक्षण में डा. रविंद्र चौहान ने खुंभ उत्पादन तकनीक की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि खुंभ न केवल व्यवसाय की दृष्टि से महत्वपूर्ण है अपितु इसमें अनेक प्रकार के विटामिन, प्रोटीन, वसा, लोहा इत्यादि पाए जाने के कारण, यह एक उत्तम व संपूर्ण आहार है तथा जनमानस के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उत्तम है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जिले में स्थित खुंभ इकाइयों का भ्रमण करवाया गया, जहां पर खुंभ उत्पादन के लिए जरूरी सामग्री, कंपोस्ट खाद्य तैयार करना, कंपोस्ट में बीज की बिजाई करना, तापमान को कैसे बनाए रखना, खुंभ की तुड़ाई व पैकिंग करना आदि कार्यों का अभ्यास करवाया गया। प्रशिक्षण में अलग-अलग दिन विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों को बुलाया गया जिन्होंने खुंभ के बारे में जानकारी दी। उद्यान विभाग से आए अधिकाारियों ने सरकार व विभाग द्वारा खुंभ उत्पादन व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं और अनुदान की महत्वपूर्ण जानकारी दी।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों को कंपोस्ट के बैग दिए गए ताकि प्रतिभागी अपने घर जाकर इस व्यवसाय को जानकारी के अनुसार करें तथा भविष्य में इस व्यवसाय को अपनाकर बेरोजगार, कुपोषण आदि समस्याओं से समाज को छुटकारा दिलाने में अपनी भागीदारी दे सकें। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को सर्टीफिकेट भी वितरित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के राजेंद्र धीर, राजेश कुमार व खुशी राम ने भी अपना भरपूर सहयोग दिया।

 

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