हरियाणा :पंचकूला: फर्नीचर इंडस्ट्री की विदेशों में भी धाक

पंचकूला : Jan-22(Rakesh Thakur)

होम डेकोर हो या फिर कारपोरेट फर्नीचर, पंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री इसके लिए सिर्फ देश ही नहीं विदेशों में भी धाक जमा चुकी है।इस इंडस्ट्री का ही कमाल है कि एक समय बाजार पर कब्जा जमा चुका चीन अब मैदान छोड़कर भाग खड़ा हुआ है। अब मार्केट में चीन का शेयर सिर्फ बीस फीसदी ही रह गया है। मार्टिंस, ओसवाल, फोनिक्स जैसे बड़े नाम पंचकूला की देन है मगर माइक्रो, स्माल और मीडियम इकाइयां भी कुशलता से डटी हैं।चार हजार को रोजगारपंचकूला की फर्नीचर इंडस्ट्री ने करीब चार हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इंडस्ट्री में ज्यादा रोजगार है पर स्किल्ड लेबर की कमी होने कारण रोजगार कम मिलता है। इसके लिए आईटीआई जैसे संस्थान से स्किल्ड वर्कर तैयार किए जाएं और उनकी ट्रेनिंग इंडस्ट्री में

करवाई जाए। जिससे इंडस्ट्रियलिस्ट और संस्थान के बीच गैप कम हो और इंडस्ट्री को उनके मुताबिक लेबर मिल सके।

फाइनेंस की बाधा फर्नीचर इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा अहम सवाल फाइनेंस है। कई बैंक फाइनेंस नहीं करते हैं जिसकी वजह से इंडस्ट्री का प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकता है। इंडस्ट्री के बायलाज को बदलने की आवश्यकता है जिससे कि इंडस्ट्री मालिक

अपनी इंडस्ट्री में शो रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवा सकें। पिछले एक दशक में इस इंडस्ट्री ने फर्नीचर को एक नया मुकाम दिया है

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