नेचर कैंप आयोजित करने की पहल

पंचकूला, 22 जनवरी-   हरियाणा में वन विभाग ने समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक व शिक्षित करने के लिए विद्यार्थियों को बेहतर जरिया मानते हुए नेचर कैंप आयोजित करने की पहल की है। प्रदेश स्तर पर चलाए जाने वाले इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न नेचर कैंप आयोजित कर उन्हें प्रकृति दर्शन, पर्यावरण जागरुकता के बारे में शिक्षित किया जाएगा। इस काम को पर्यावरण मंत्रालय के एक उत्कृष्ट केंद्र सीईई और वन विकास विभाग हरियाणा मिलकर चलाएंगे। इसी सिलसिले में दोनों प्रतिष्ठानों के बीच वीरवार को थापली में आयोजित एक कार्यक्रम में एमओयू साइन किया गया। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव अमित झा व वन विभाग की प्रधान मुख्य वन संरक्षक डा. अमरिंद्र कौर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। एमओयू पर वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक डा. पीपी भोजवैद्य और सीईई के अध्यक्ष शरद गौड़ ने हस्ताक्षर किए। 

वन विभाग के मोरनी खंड में स्थित थापली केंद्र में वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने कहा कि प्रदेश में वन क्षेत्र कम है, लेकिन इसे पर्यावरण की दृष्टि से और विकसित करने के लिए लोगों को जागरू करना होगा। विभाग की ओर से ऐसे कार्यक्रम चलाने होंगे, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति से जोड़ा जा सके। यह विभाग केवल पेड़-पौधे लगाने तक ही सीमित न रहकर विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति शिक्षित व जागरूक करे। इस कार्य में स्कूली बच्चे सबसे बेहतर माध्यम हो सकते हैं, इसी उद्देश्य से वन विभाग ने नेचर कैंप आयोजित करने जैसा कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के भविष्य में बेहतर परिणाम के लिए सीईई को इससे जोड़ा गया है। सीईई का काम अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति दर्शन कराना, पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना और वन विभाग द्वारा चलाई जा रही पर्यावरणीय संबंधी गतिविधियों को क्रमबद्ध तरीके से चलाना होगा। इस काम में समय लगेगा और यह चुनौती भरा है, किंतु इसमें सफलता की पूरी गुंजाइश इसलिए भी है कि हरियाणा सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री मनोहरलाल पर्यावरण संरक्षण को लेकर तथा ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर बेहद संजीदा हैं। 

वन विभाग की प्रधान मुख्य वन संरक्षक डा. अमरिंद्र कौर ने कहा कि वन विभाग की विशेष संपत्तियां व यूनिट हैं, जिनमें वन्य जीव, चिडिय़ाघर, हर्बल पार्क, पक्षी विहार, नेचर कैंप के अलावा अनेक ऐसी चीजें हैं, जिनमें समुदाय की विशेष रूचि रहती है। विभाग के पास पूरी यूनिट, प्रचार यूनिट है, जो विभाग की गतिविधियों को ठीक ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम है। अब जरूरत इस बात की है कि यह कार्यक्रम सुचारू रूप से क्रमबद्ध चले। अनुभव पुस्तकों से कम व व्यावहारिक दर्शन से अधिक मिलता है। वन विकास निगम विभाग का एक स्वायत उपक्रम है, जिसका काम वन विकास के अलावा प्रकृति के प्रोत्साहन व पर्यावरण संरक्षण के लिए कैंप लगाना और अन्य गतिविधियां चलाना है। सीईई पर्यावरण मंत्रालय का एक उत्कृष्ट केंद्र जो इस अभियान में निगम का सहयोग करेगा, से बेहतर कार्य करने की उम्मीद है। वीरवार को कालका के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अध्यापकों के साथ नेचर कैंप में भाग लिया। इस अवसर पर आईएफएस डा. विवेक सक्सेना व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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