सहवाग ने बयां किया दर्द

Dec-31(Rakesh Thakur)
हाल ही में क्रिकेट को अलविदा कहने वाले विस्फोटक बल्लेबाज विरेंदर सहवाग ने स्वीकार किया कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2013 की टेस्ट सीरीज के बीच निकाले जाने से आहत थे. सहवाग ने कहा कि टीम प्रबंधन या चयनकर्ताओं की तरफ से बिना किसी जानकारी के बाहर किये जाने से वह आहत हुए थे. सहवाग को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद में खेले गये दूसरे टेस्ट मैच के बाद बाहर कर दिया गया था लेकिन नजफगढ़ के नवाब ने कहा कि चयनकर्ताओं को उन्हें दो टेस्ट और खेलने का मौका देकर भारतीय पोशाक में संन्यास लेने का मौका देना चाहिए था.सहवाग ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, मैंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में रन नहीं बनाये थे इसलिए मैं सोच रहा था कि मुझे आखिरी दो टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिये अभी मौके मिलेंगे और यदि मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं करता हूं तो मुझे बाहर कर दिया जाएगा. यदि चयनकर्ताओं ने मुझे दो टेस्ट मैच खेलने का यह मौका दिया होता और कहते कि आप इन दो टेस्ट मैच में खेलो और फिर संन्यास ले लो तो मैं इस पर जरूर विचार करता. सहवाग से पूछा गया कि क्या बीसीसीआई और टीम प्रबंधन की तरफ से संवादहीनता रही, तो उन्होंने इस पर सहमति जताई.

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